मेले मे उमड़ा जनसैलाब, अब भी डटा पुलिस प्रशासन,
देखने मिल रही परंपरागतगत आदिवासी नृत्य शैली एवं पुरातनकालीन प्रथाएं
इछावर 28 अक्टूबर, 2019
एमपी मीडिया पाइंट टीम
परछाइयां लंबी होती जा रही हैं और धीरे-धीरे यह पुरातन मेला अपने समापन की ओर बढ़ता जा रहा है हम देख रहे हैं कि जिले के प्रशासनिक अधिकारियों का टेंशन भी इसी के साथ कम होता जा रहा है मेले की सफलता का श्रेय तो सूर्यास्त के बाद ही लूटेगा लेकिन देखना है कि मेला समिति,प्रशासन और नेता कितना-कितना श्रेय लूट पाते हैं लेकिन हम आपको बता दें कि मेला स्थल पर करीब 70 हज़ार लो अब भी लोग जमा हैं और करीब 40 हजार यहां से रवानगी डाल चुके
मेले में ज्यादातर दुकानों से सामान बिक चुका है नारियल तो आखिर में 40 रुपए का एक बिका था वह पूरी तरह खत्म हो गया है सभी दुकानों से अगरबत्ती के पैकेट भी गायब हैं पशु श्रंगार सामग्री छुटपुट बची है अन्य घरेलू सामान भी दुकानों से साफ होने की कगार पर पहुंच गया है खिलौने और झुलों के आसपास अब भी हजारों बच्चों और महिलाओं की भीड़ जमा है।
आदिवासी नृत्य और गोदना प्रथा आज भी यहां आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं हम आपको बता दें कि मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की भी इतनी भीड़ जमा है कि वहां पैर रखना मुश्किल हो पा रहा है। बारिश तमाम अड़चने इस पुरातन मेले की लोकप्रियता और बाराहखंबा वाले महाराज की आस्था के सामने गौण नजर आई।
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बाराखंबा मेला शान-ओ-शौकत के साथ समापन की ओर . .
इछावर 28 अक्टूबर, 2019 एमपी मीडिया पाइंट टीम
प्रदेश के प्रमुख मेलों में से एक बाराखंबा का पुरातन मेला अपनी पूरी शान-ओ-शौकत के साँथ समापन की तरफ बड़ रहा है। सोमवार को करीब एक लाख लोगों ने मेले में पहुंचकर अपने पशुधन के सलामती की दुआ मांगी लोगों ने हजारों क्विंटल दूध से बाराखंबा वाले महाराज को स्नान कराया मेले में पहुंचे लोगों का कहना था कि इस साक्षात चमत्कारी स्थान पर आते-आते हमारी पीढ़ियां गुजर गई। हमें व्यवस्था से कोई लेना देना नहीं,हर मुसीबत में प्रत्येक वर्ष हम यहां जरूर आते हैं और आगे भी आते रहेंगे श्रद्धालुओं ने एमपी मीडिया पाइंट को बताया कि हमारी मनौती यहां पर कभी खाली नहीं जाती, पशुपालकों ने कहा हमारे पशुधन बाराखंबा वाले महाराज की कृपा से साल भर निरोगी रहते हैं।
मेले में दुकान लेकर पहुंचे व्यापारियों का भी एक स्वर में यही कहना था कि महाराज की कृपा से एक दिन में ही इतना बिजनेस हो जाता है कि हमें पीछे मुड़कर कभी देखना नहीं पड़ता,बस, ट्रक, टैक्सी ऑपरेटरों के बिजनेस का अंदाजा तो इसी से लगाया जा सकता है कि सभी छोटे बड़े वाहन अपनी-अपनी प्रतिदिन की लाइन को छोड़कर केवल बाराखंबा के लिए ही चलते रहे।
कुल मिलाकर छुटपुट गड़बड़ियों को नजरअंदाज किया जाए तो इस वर्ष का भी बाराखंबा मेला अपनी प्राचीन शानो-शौकत के साथ समाप्त हुआ।
सीहोर कलेक्टर अजय कुमार यादव एसपी एसएस चौहान,एएसपी समीर यादव, एसडीओपी प्रकाश मिश्रा,इछावर एसडीएम प्रगति वर्मा,तहसीलदार आरएस मरावी, थाना टीआई अरविंद कुमरे के निर्देशन में प्रशासनिक अमले ने जिस खूबसूरती के साथ ड्यूटी को अंजाम दिया वह भी कहीं ना कहीं काबिल-ए-तारीफ़ है। नीलबड़-खेरी मार्ग पर बार-बार जाम की स्थिति बनने यात्रियों को जरुर परेशानी उठाना पड़ी वहीं अमलाह-भाऊँखेड़ी मार्ग खस्ताहाल होने के कारण लोगों को बदलकर लम्बा सफर करना पड़ा। जेबकतरों के हौसले इस वर्ष कुछ ज्यादा ही बुलंद दिखाई दिए उन्होंने कईयों को मेले मे अपनी वारदात का निशाना बनाया।


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