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इछावर
'भाऊँखेड़ी-अमलाहा' रोड का मालिक कौन!!
आखिर कौन है!! 'भाऊँखेड़ी-अमलाहा' रोड का मालिक
भाऊँखेड़ी का प्रमुख मार्ग फंसा दो विभागों की खींचतान में,
बस आपरेटरों बंद किया यात्री वाहन चलाना,
हजारों लोगों की परेशानी का सबब बना "भाऊँखेड़ी-अमलाहा" मार्ग
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राजेश बनासिया,भाऊँखेड़ी
एमपी मीडिया पाइंट
जिला मुख्यालय से 19 किलोमीटर की दूरी पर इछावर तहसील का सबसे बड़े गाँव में शुमार भाऊँखेड़ी के रहवासियों की सबसे बड़ी एवं गंभीर समस्या यह है कि हजारो लोग जिस मार्ग से दिन रात गुजरते है वही मार्ग वर्षो से दुर्दशा का शिकार बना हुआ है ग्राम का यह मेन रोड दो विभागों के दांव पेंच में बुरी तरह फंस गया है इसी के चलते रोड का उद्धार नहीं हो पा रहा है ग्राम पंचायत कहती है कि यह रोड़ पीडब्ल्यूडी के अंडर आता है इससे हमारा कोई वास्ता नहीं है व उसकी देखरेख का जिम्मा पीडब्ल्यूडी का है इधर पीडब्ल्यूडी रोड का सर्वे तक नही करा रही है नतीज़न वर्षों बाद भी "भाऊँखेड़ी-अमलाहा मार्ग की हालत जस की तस बनी हुई है। अब तो बस आपरेटर भी इस मार्ग पर यात्री बस चलाने से पस्त हो गए हैं। हजारों ग्रामीणों को प्रतिदिन परेशानी उठाकर मजबूरी ने अपना सफर तय करना पड़ रहा।
ग्रामीण बताते है कि अब इस मार्ग से निकलना दूभर हो गया है।वर्षो से यह मार्ग अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है ग्रामीण जगदीश वर्मा कहते है कि हमे तो यही पता है कि रोड़ सरकारी है चाहे फिर वह किसी भी विभाग के अंतर्गत आये हमे तो यही मालूम है कि पहली बार इस रोड़ को ग्राम पंचायत ने ही बनवाया था उस समय ग्राम पंचायत के सरपंच बद्रीप्रसाद वर्मा हुआ करते थे। गत 05 नवंबर को आयोजित शांति समिति की बैठक के दौरान भी ग्रामीणों ने इस जर्जर रोड के फ़ोटो एवं वीडियो दिखलाकर एसडीएम प्रगति वर्मा को समस्या से रुबरु करवाया था तब उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों के समक्ष पंचायत सचिव व सरपंच को कहा था कि वाक़ई समस्या बहुत गंभीर है आप इसके लिए कुछ करे मगर इसके बाद भी ग्राम पंचायत ने इस दिशा में कार्य करना मुनासिब नही समझा इस प्रकार दो विभागों के बीच फंस का रह गया है यह मार्ग।
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