मंदिर से माइक हटाने के फरमान पर बिफरे सनातन धर्मावलंबी,
विरोध स्वरुप सौंपा ज्ञापन,
मामला सीहोर जिले के आष्टा का



                   पुजारी हेमंत गिरी
सीहोर, एमपी मीडिया पाइंट 

आष्टा एसडीएम द्वारा मंदिर से एलाउडस्पीकर उतारने के को लेकर जारी किया गया फरमान तूल पकड़ने लगा है।

जानकारी अनुसार पुजारी को तहसील में बुलवाकर लाउडस्पीकर नहीं चलाने का बोला गया। धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया गया।इस पर हिंदू संगठन और भाजपा कार्यकर्ता ने आंदोलन खड़ा करते हुए शासन और सीहोर जिले के प्रभारी मंत्री आरिफ अकील के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर देवास  सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी, आष्टा विधायक रघुनाथ सिंह मालवीय, कालू भट्ट मंदिर के पुजारी और सभी हिंदू संगठन एवं भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सीहोर के आष्टा में प्रशासन द्वारा पार्वती नदी के मुहाने स्थित प्राचीन शंकर महादेव मंदिर में सुबह की भस्म आरती में प्रयोग किये जा रहे  लाउडस्पीकर को बंद करने के निर्देश के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया।

बीजेपी ने इसे राजनितिक रंग देकर इस मामले पर आन्दोलन की चेतावनी प्रशासन को दी है।उधर इस मामले की जानकारी मिलते ही हिन्दू संगठनों ने भी बीजेपी विधायक के साथ स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर इसकी पुनः नहीं दोहराये जाने की चेतावनी दी है।

दरअसल आष्टा नगर के प्राचीन शंकर मंदिर में वर्षों से सुबह 5:00  बजे से महाकालेश्वर की तर्ज पर भस्म आरती की सनातन परम्परा है।

ऐसे अचानक नगर की एसडीएम अंजू विश्वकर्मा ने मंदिर के पुजारी को बुलाकर मौखिक आदेश दिया किया की मंदिर का माइक की आवाज बंद कर ले ....इस आदेश को हिन्दू संगठनो ने तुगलकी आदेश करार देकर इसका विरोध शुरू कर दिया है .... आक्रोशित लोगो ने एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार अंकिता बाजपेयी को सौंपा।
 ज्ञापन मे कहा गया है कि इस तरह के नियम लागू करने से हमारी धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
  

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