बजट की कुछ खास बातें जो आमजन के लिए हैं जरूरी
शनिवार को संसद में टी 20 साल के पहली फरवरी को बजट पेश किया गया। अपने भाषण की शुरुआत में वित्त मंत्री ने कविता पढ़ी और सबसे लंबा बजट भाषण देकर एक रिकार्ड बनाया। हमेशा की तरह सत्ता पक्ष ने सराहा और विपक्ष ने बेकाम बताया। सरकार बजट को लेकर अपनी पीठ थपथपा रही है तो विपक्ष ने लंबा और उबाऊ बजट करार देकर कहा है कि बेरोजगारों के लिए कोई ठोस योजना बजट में नहीं है तो आर्थिक मंदी से निपटने के कारगर उपाय बजट से गायब हैं। जबकि वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान पढ़ी दीनानाथ नादिम की कश्मीरी कविता
हमारा वतन फिर से हुआ शालीमार बाग जैसा
हमारा वतन डल झील में खिलते कमल जैसा
नौजवानों के गर्म खून जैसा
मेरा वतन तेरा वतन हमारा वतन
दुनिया का सबसे प्यारा वतन
उन्होंने आगे कहा- भारत में 15 से 65 वर्ष उत्पादक आयु वर्ग में जनता की संख्या सबसे अधिक है। यह बजट तीन महत्वपूर्ण विषयों के ईर्द-गिर्द बना है। सबके लिए आर्थिक विकास जिसे प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में बार-बार दोहराया है। भारत में डिजिटल क्रांति विश्व में एक अनूठे नेतृत्व के रूप में स्थापित हुई है। यह बजट प्रत्येक नागरिक के जीवन को सहज बनाने के लिए समर्पित है।
सबसे लंबा भाषण:-
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण आजाद भारत के इतिहास का सबसे लंबा भाषण बन गया। करीब 2 घंटे 40 मिनट तक वित्त मंत्री भाषण पढ़ती रहीं। 2019 में भी देश की पहली वित्त मंत्री सीतारमण ने लंबा बजट भाषण पढ़ा था जो 2 घंटे 17 मिनट तक चला था। इससे पहले यह रिकॉर्ड जसवंत सिंह के नाम था। उन्होंने 2003 में 2 घंटे 15 मिनट तक बजट भाषण पढ़ा था। करीब पौने तीन घंटे लंबे बजट भाषण के आखिर में गला खराब होने की वजह से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आखिरी दो- तीन पृष्ठ नहीं पढ़ पाई और उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष की अनुमति से उसे पढ़ा मानकर सदन के पटल पर रख दिया।
खास बिंदु:-
सस्ते मकान की खरीद के लिए मिलेगी डेढ़ लाख की अतिरिक्त छूट
सस्ते मकान की खरीद के लिए 1.5 लाख रुपये तक अतिरिक्त कटौती को एक वर्ष बढ़ाने का प्रस्ताव।
धर्मार्थ संस्थाओं के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक होगी।
MSME: लेखा परीक्षा के लिए कुल कारोबार की उच्चतम सीमा एक करोड़ से पांच करोड़ होगी।
आयकर अधिनियम में संशोधन करने का प्रस्ताव ताकि फेसलेस निर्धारण की तर्ज पर फेसलेस अपील की जा सके।
टैक्स के मोर्चे पर बड़ी राहत-
बजट में मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा मिला है। सरकार ने स्लैब में बदलाव करते हुए 5 लाख तक की कमाई को 5 फीसदी टैक्स स्लैब में रखा है। वहीं 5 से 7.50 लाख रुपये तक की सालाना कमाई पर 10 फीसदी का नया टैक्स लगेगा। इसी तरह 7.50 लाख से 10 लाख तक पर 15 फीसदी और 10 से 12.5 लाख पर 20 फीसदी का टैक्स लगेगा जबकि 15 लाख से अधिक की कमाई पर 25 फीसदी स्लैब होगा। हालांकि, ये नया स्लैब वैकल्पिक होगा।
स्लैब सालाना कमाई
टैक्स फ्री- 2.5 – 5 लाख
10% - 5-7.5 लाख
15% - 7.5 – 10 लाख
20% - 10 – 12.5 लाख
25% - 12.5 – 15 लाख
30% - 15 लाख से अधिक
यहां बता दें कि वर्तमान टैक्स स्लैब के मुताबिक 2.5-5 लाख रुपये की सालाना कमाई पर 5 फीसदी टैक्स देना होता है। इसी तरह 5-10 लाख रुपये पर 20 फीसदी जबकि 10 लाख और उससे अधिक की कमाई पर 30 फीसदी टैक्स का प्रावधान है।
महिला वर्ग:-
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।
- स्कूलों में लड़कियों का दाखिला, लड़कों से ज्यादा।
- 35 हजार करोड़ पोषाहार योजना के लिए।
- प्राइमरी शिक्षा में लड़कियों की हिस्सेदारी 94.32 फीसदी है, जबकि लड़के 89 फीसदी है, वहीं माध्यमिक शिक्षा की बात करें तो यहां भी लड़कियों का अनुपात बढ़ा है। लड़कियां 81.2 फीसदी है, लड़कों का भारीदारी 78 फीसदी है।
- हायर एजुकेशन में भी लड़कियों की हिस्सेदारी में इजाफा हुआ है। यहां लड़कियों की हिस्सेदारी 59 फीसदी है, जबकि लड़कों की हिस्सेदारी 57.54 फीसदी है।
गैस/ एनर्जी
-नेशनल गैस ग्रिड की शुरुआत होगी।
-पावर-एनर्जी के लिए 22 हजार करोड़ रुपये का ऐलान।
- अधिक प्रदूषण वाले थर्मल प्लांट बंद होंगे।
आईटी/ टेक:-
- देशभर में डाटा सेंटर पार्क बनेंगे।
-BharatNet से 1 लाख ग्राम पंचायत जुड़ेंगे।
- BharatNet के लिए 6000 करोड़ रुपये आवंटित।
-मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक को भारत में बनाने पर जोर देंगे।
रेलवे:-
- रेलवे की खाली जमीन पर सोलर एनर्जी सेंटर। रेलवे लाइन के बगल में सोलर पैनल लगेंगे।
-550 रेलवे स्टेशन पर वाईफाई की होगी शुरुआत।
- पीपीपी मॉडल के तहत 150 नई ट्रेने आएंगी। तेजस जैसी और ट्रेन चलाए जाएंगे।
- नई ट्रेनों को पर्यटन स्थल से जोड़ा जाएगा।
- मुंबई-अहमदाबाद के बीच स्पीड ट्रेन की शुरुआत।
एजुकेशन सेक्टर:-
जल्द ही नई शिक्षा नीति लाई जाएगी। शिक्षा व्यवस्था में और फंड देने की जरूरत है।
- उच्च शिक्षा के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा दी जाएगी।
- जिला अस्पतालों से जोड़े जाएंगे मेडिकल यूनिवर्सिटीज।
- पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे।
- स्टडी इन इंडिया को प्रमोट किया जाएगा।
- देश में शिक्षकों और नर्सों की जरूरत।
- एजुकेशन सेक्टर के लिए 99 हजार 300 करोड़ रुपये का प्रस्ताव।
- स्किल डेवलपमेंट के लिए 3000 करोड़ का प्रावधान।
- एजुकेशन सेक्टर में FDI लाया जाएगा।
- सरस्वती सिंधु यूनिवर्सिटी का ऐलान।
स्वच्छ और स्वस्थ भारत के लिए क्या है खास:-
PPP मॉडल पर नए अस्पताल बनाए जाएंगे। टीवी हारेगा, देश जीतेगा, कैंपेन को सफल बनाया जाएगा।
- प्रधानमंत्री जन आरोग्य (आयुष्मान भारत) के लिए 69 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।
- पीएम जनआरोग्य योजना के तहत 20 हजार से ज्यादा अस्पताल पैनल में हैं।
इस योजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल होगा।
- स्वच्छ भारत के लिए 12300 करोड़ रुपये आवंटित।
- जहां आबादी 10 लाख से ज्यादा है, वहां साफ हवा एक बड़ी चुनौती है. इस पर 4400 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
किसान और ग्रामीण भारत के लिए:-
- फसलों को लाने और ले जाने के लिए किसान रेल चलाई जाएगी।
पीएम किसान योजना के तहत किसानों को सहायता सुनिश्चित की गई है। कृषि बाजार को उदार करने और खोलने की जरूरत है।
- मनरेगा के जरिये को खेती को बढ़ावा देने पर फोकस पर है। मछली पालन को 2 करोड़ टन तक पहुंचाने का लक्ष्य है। युवाओं को मछली पालन से क्षेत्र से जोड़ने का लक्ष्य है।
- मछली पालने को वालों मछली कृषक कहा जाएगा. 3077 सागर मित्र बनाए जाएंगे। तटवर्ती इलाकों के युवाओं को रोजगार मिलेगा।
- किसान क्रेडिट के लिए 15 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य।
- 2025 तक दुग्ध उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य।
- किसानों के लिए कृषि उड़ान योजना की होगी शुरुआत।
- एक प्रोडक्ट, एक जिले पर फोकस।
- पशुपालन, मछली पालन को बढ़ाने देने पर जोर है। इसके लिए राज्य सरकारों को मदद की जाएगी। केंद्र और राज्य मिलकर इस संभव बना सकते हैं।
- पानी की किल्लत देश में बड़ी समस्या है. देश में 100 जिलों ऐसे हैं जहां पानी की किल्लत है। किसानों के पंप सेट को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा सकता है।
- - 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने पर कायम. फसल बीमा योजना में 6 करोड़ 11 लाख किसानों को जोड़ा गया है। तकनीक खेती पर जोर दिया जा रहा है।
- बंजर जमीन पर होगा सोलर एनर्जी का उत्पादन।
पीएम कुसुम योजना के तहत 20 लाख किसानों को सोलर पंंप मुहैया कराया जाएगा।
- पंचायत स्तर पर नए वेयरहाउस बनाए जाएंगे। इसके साथ ही रसायनिक खादों के विकल्प तलाशे जाएंगे।
- 100 सूखाग्रस्त जिलों पर खास फोकस होगा।
27 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है।
इन प्रस्तावों कर साथ बजट में जो एलान वित्त मंत्री ने किया है वह आम लोगों का बैंकिंग प्रणाली में विश्वास जगाने का है। उन्होंने यह घोषणा भी की है कि अब किसी भी बैंक के दिवालिया होने की स्थिति में जमाकर्ता को पांच लाख रुपये की राशि बीमित मानी जायेगी। इससे पहले यह राशि एक लाख रुपये की थी। मौटे तौर पर अभी तक मूल और ब्याज जोड़कर जो राशि एक लाख रुपए तक वापस होने की गारंटी थी वह अब पांच लाख रुपए तक वापस की जा सकेगी। उसकी जमा राशि चाहे जितनी अधिक हो। वापसी योग्य अधिकतम राशि पांच लाख रुपए होगी। कर सलाहकार की मानें तो अप्रेल 20 से जी एस टी के प्रारूप को भी सरल किए जाने की संभावना है।
वैसे बजट भाषण में महंगाई पर नियंत्रण किए जाने का दावा किया गया है लेकिन हकीकत इससे कुछ जुदा है।
शैलेश तिवारी
शनिवार को संसद में टी 20 साल के पहली फरवरी को बजट पेश किया गया। अपने भाषण की शुरुआत में वित्त मंत्री ने कविता पढ़ी और सबसे लंबा बजट भाषण देकर एक रिकार्ड बनाया। हमेशा की तरह सत्ता पक्ष ने सराहा और विपक्ष ने बेकाम बताया। सरकार बजट को लेकर अपनी पीठ थपथपा रही है तो विपक्ष ने लंबा और उबाऊ बजट करार देकर कहा है कि बेरोजगारों के लिए कोई ठोस योजना बजट में नहीं है तो आर्थिक मंदी से निपटने के कारगर उपाय बजट से गायब हैं। जबकि वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान पढ़ी दीनानाथ नादिम की कश्मीरी कविता
हमारा वतन फिर से हुआ शालीमार बाग जैसा
हमारा वतन डल झील में खिलते कमल जैसा
नौजवानों के गर्म खून जैसा
मेरा वतन तेरा वतन हमारा वतन
दुनिया का सबसे प्यारा वतन
उन्होंने आगे कहा- भारत में 15 से 65 वर्ष उत्पादक आयु वर्ग में जनता की संख्या सबसे अधिक है। यह बजट तीन महत्वपूर्ण विषयों के ईर्द-गिर्द बना है। सबके लिए आर्थिक विकास जिसे प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में बार-बार दोहराया है। भारत में डिजिटल क्रांति विश्व में एक अनूठे नेतृत्व के रूप में स्थापित हुई है। यह बजट प्रत्येक नागरिक के जीवन को सहज बनाने के लिए समर्पित है।
सबसे लंबा भाषण:-
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण आजाद भारत के इतिहास का सबसे लंबा भाषण बन गया। करीब 2 घंटे 40 मिनट तक वित्त मंत्री भाषण पढ़ती रहीं। 2019 में भी देश की पहली वित्त मंत्री सीतारमण ने लंबा बजट भाषण पढ़ा था जो 2 घंटे 17 मिनट तक चला था। इससे पहले यह रिकॉर्ड जसवंत सिंह के नाम था। उन्होंने 2003 में 2 घंटे 15 मिनट तक बजट भाषण पढ़ा था। करीब पौने तीन घंटे लंबे बजट भाषण के आखिर में गला खराब होने की वजह से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आखिरी दो- तीन पृष्ठ नहीं पढ़ पाई और उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष की अनुमति से उसे पढ़ा मानकर सदन के पटल पर रख दिया।
खास बिंदु:-
सस्ते मकान की खरीद के लिए मिलेगी डेढ़ लाख की अतिरिक्त छूट
सस्ते मकान की खरीद के लिए 1.5 लाख रुपये तक अतिरिक्त कटौती को एक वर्ष बढ़ाने का प्रस्ताव।
धर्मार्थ संस्थाओं के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक होगी।
MSME: लेखा परीक्षा के लिए कुल कारोबार की उच्चतम सीमा एक करोड़ से पांच करोड़ होगी।
आयकर अधिनियम में संशोधन करने का प्रस्ताव ताकि फेसलेस निर्धारण की तर्ज पर फेसलेस अपील की जा सके।
टैक्स के मोर्चे पर बड़ी राहत-
बजट में मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा मिला है। सरकार ने स्लैब में बदलाव करते हुए 5 लाख तक की कमाई को 5 फीसदी टैक्स स्लैब में रखा है। वहीं 5 से 7.50 लाख रुपये तक की सालाना कमाई पर 10 फीसदी का नया टैक्स लगेगा। इसी तरह 7.50 लाख से 10 लाख तक पर 15 फीसदी और 10 से 12.5 लाख पर 20 फीसदी का टैक्स लगेगा जबकि 15 लाख से अधिक की कमाई पर 25 फीसदी स्लैब होगा। हालांकि, ये नया स्लैब वैकल्पिक होगा।
स्लैब सालाना कमाई
टैक्स फ्री- 2.5 – 5 लाख
10% - 5-7.5 लाख
15% - 7.5 – 10 लाख
20% - 10 – 12.5 लाख
25% - 12.5 – 15 लाख
30% - 15 लाख से अधिक
यहां बता दें कि वर्तमान टैक्स स्लैब के मुताबिक 2.5-5 लाख रुपये की सालाना कमाई पर 5 फीसदी टैक्स देना होता है। इसी तरह 5-10 लाख रुपये पर 20 फीसदी जबकि 10 लाख और उससे अधिक की कमाई पर 30 फीसदी टैक्स का प्रावधान है।
महिला वर्ग:-
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।
- स्कूलों में लड़कियों का दाखिला, लड़कों से ज्यादा।
- 35 हजार करोड़ पोषाहार योजना के लिए।
- प्राइमरी शिक्षा में लड़कियों की हिस्सेदारी 94.32 फीसदी है, जबकि लड़के 89 फीसदी है, वहीं माध्यमिक शिक्षा की बात करें तो यहां भी लड़कियों का अनुपात बढ़ा है। लड़कियां 81.2 फीसदी है, लड़कों का भारीदारी 78 फीसदी है।
- हायर एजुकेशन में भी लड़कियों की हिस्सेदारी में इजाफा हुआ है। यहां लड़कियों की हिस्सेदारी 59 फीसदी है, जबकि लड़कों की हिस्सेदारी 57.54 फीसदी है।
गैस/ एनर्जी
-नेशनल गैस ग्रिड की शुरुआत होगी।
-पावर-एनर्जी के लिए 22 हजार करोड़ रुपये का ऐलान।
- अधिक प्रदूषण वाले थर्मल प्लांट बंद होंगे।
आईटी/ टेक:-
- देशभर में डाटा सेंटर पार्क बनेंगे।
-BharatNet से 1 लाख ग्राम पंचायत जुड़ेंगे।
- BharatNet के लिए 6000 करोड़ रुपये आवंटित।
-मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक को भारत में बनाने पर जोर देंगे।
रेलवे:-
- रेलवे की खाली जमीन पर सोलर एनर्जी सेंटर। रेलवे लाइन के बगल में सोलर पैनल लगेंगे।
-550 रेलवे स्टेशन पर वाईफाई की होगी शुरुआत।
- पीपीपी मॉडल के तहत 150 नई ट्रेने आएंगी। तेजस जैसी और ट्रेन चलाए जाएंगे।
- नई ट्रेनों को पर्यटन स्थल से जोड़ा जाएगा।
- मुंबई-अहमदाबाद के बीच स्पीड ट्रेन की शुरुआत।
एजुकेशन सेक्टर:-
जल्द ही नई शिक्षा नीति लाई जाएगी। शिक्षा व्यवस्था में और फंड देने की जरूरत है।
- उच्च शिक्षा के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा दी जाएगी।
- जिला अस्पतालों से जोड़े जाएंगे मेडिकल यूनिवर्सिटीज।
- पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे।
- स्टडी इन इंडिया को प्रमोट किया जाएगा।
- देश में शिक्षकों और नर्सों की जरूरत।
- एजुकेशन सेक्टर के लिए 99 हजार 300 करोड़ रुपये का प्रस्ताव।
- स्किल डेवलपमेंट के लिए 3000 करोड़ का प्रावधान।
- एजुकेशन सेक्टर में FDI लाया जाएगा।
- सरस्वती सिंधु यूनिवर्सिटी का ऐलान।
स्वच्छ और स्वस्थ भारत के लिए क्या है खास:-
PPP मॉडल पर नए अस्पताल बनाए जाएंगे। टीवी हारेगा, देश जीतेगा, कैंपेन को सफल बनाया जाएगा।
- प्रधानमंत्री जन आरोग्य (आयुष्मान भारत) के लिए 69 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।
- पीएम जनआरोग्य योजना के तहत 20 हजार से ज्यादा अस्पताल पैनल में हैं।
इस योजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल होगा।
- स्वच्छ भारत के लिए 12300 करोड़ रुपये आवंटित।
- जहां आबादी 10 लाख से ज्यादा है, वहां साफ हवा एक बड़ी चुनौती है. इस पर 4400 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
किसान और ग्रामीण भारत के लिए:-
- फसलों को लाने और ले जाने के लिए किसान रेल चलाई जाएगी।
पीएम किसान योजना के तहत किसानों को सहायता सुनिश्चित की गई है। कृषि बाजार को उदार करने और खोलने की जरूरत है।
- मनरेगा के जरिये को खेती को बढ़ावा देने पर फोकस पर है। मछली पालन को 2 करोड़ टन तक पहुंचाने का लक्ष्य है। युवाओं को मछली पालन से क्षेत्र से जोड़ने का लक्ष्य है।
- मछली पालने को वालों मछली कृषक कहा जाएगा. 3077 सागर मित्र बनाए जाएंगे। तटवर्ती इलाकों के युवाओं को रोजगार मिलेगा।
- किसान क्रेडिट के लिए 15 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य।
- 2025 तक दुग्ध उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य।
- किसानों के लिए कृषि उड़ान योजना की होगी शुरुआत।
- एक प्रोडक्ट, एक जिले पर फोकस।
- पशुपालन, मछली पालन को बढ़ाने देने पर जोर है। इसके लिए राज्य सरकारों को मदद की जाएगी। केंद्र और राज्य मिलकर इस संभव बना सकते हैं।
- पानी की किल्लत देश में बड़ी समस्या है. देश में 100 जिलों ऐसे हैं जहां पानी की किल्लत है। किसानों के पंप सेट को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा सकता है।
- - 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने पर कायम. फसल बीमा योजना में 6 करोड़ 11 लाख किसानों को जोड़ा गया है। तकनीक खेती पर जोर दिया जा रहा है।
- बंजर जमीन पर होगा सोलर एनर्जी का उत्पादन।
पीएम कुसुम योजना के तहत 20 लाख किसानों को सोलर पंंप मुहैया कराया जाएगा।
- पंचायत स्तर पर नए वेयरहाउस बनाए जाएंगे। इसके साथ ही रसायनिक खादों के विकल्प तलाशे जाएंगे।
- 100 सूखाग्रस्त जिलों पर खास फोकस होगा।
27 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है।
इन प्रस्तावों कर साथ बजट में जो एलान वित्त मंत्री ने किया है वह आम लोगों का बैंकिंग प्रणाली में विश्वास जगाने का है। उन्होंने यह घोषणा भी की है कि अब किसी भी बैंक के दिवालिया होने की स्थिति में जमाकर्ता को पांच लाख रुपये की राशि बीमित मानी जायेगी। इससे पहले यह राशि एक लाख रुपये की थी। मौटे तौर पर अभी तक मूल और ब्याज जोड़कर जो राशि एक लाख रुपए तक वापस होने की गारंटी थी वह अब पांच लाख रुपए तक वापस की जा सकेगी। उसकी जमा राशि चाहे जितनी अधिक हो। वापसी योग्य अधिकतम राशि पांच लाख रुपए होगी। कर सलाहकार की मानें तो अप्रेल 20 से जी एस टी के प्रारूप को भी सरल किए जाने की संभावना है।
वैसे बजट भाषण में महंगाई पर नियंत्रण किए जाने का दावा किया गया है लेकिन हकीकत इससे कुछ जुदा है।


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