लेखिका 


"एक कप काफी"


बस तुम्हारी मौजूदगी,
ठहरा सा वक्त,
हाथों में ले हाथ,
मुस्कराते लब,
नैनों से नैनों की तकरार,

कुछ सुनाने को 
बेताब धड़कनें ,
मचलती गरम साँसों. 
का आमना सामना,
सिहरते जज़्बातों का 
आदान प्रदान,
पलकों से पलकों में घुलती
प्रेम की स्वीकृति,
मधुर मुस्कान से 
होते हज़ारों वादे,

सिर्फ और सिर्फ 
फुरसत के कुछ दिन
कोने की टेबल, 
एक कप कॉफी 
मैं और तुम!!
बस इतना ही तो लालच था !

कब ,कहाँ ,और कैसे...??
पैदा हुआ संशय,
मन भर गया था या....
प्रेम..झूठ की बुनियाद पर!
प्रेम का यह रूप.... 
झकझोरता मन को...
दे गया कुछ 
अनसुलझी सी उलझनें..... 

और अब...
सुनामी के बाद 
बिखरे समुद्रतट सा...
हो चुका है ये, 
भावहीन,स्तब्ध,रेतील 
 एकाकी मन. ...!!

किरण मिश्रा "स्वयंसिद्दा"

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परिचय


 किरण मिश्रा "स्वयंसिद्धा" नोएडा से हैं। उच्च शिक्षित गृहणी हैं और पूर्व में आकाशवाणी में उद्घोषिका रहते हुए स्वतन्त्र लेखन से साहित्य सेवा करती आ रही हैं। 
सुगन्धा" (हाइकु संग्रह) मिस यू कान्हा" (दोहा और मुक्तक संग्रह) "परिणीता प्रेम" काव्य संग्रह शुगर फ्री  सी ज़िन्दगी आदि प्रकाशित हो चुके हैं। हिंदी में ही जापानी विधा हाइकु,हाइगा,चोका तांका, सेदोका आदि का लेखन भी करती हैं। 
आप अनेकों साहित्यिक काव्य समूहों द्वारा उत्कृष्ट काव्य सृजन  के लिए अनेकानेक सम्मान से समय समय पर सम्मानित हैं। 

संपर्क सूत्र: फ्लैट नं-1506,टावर ए-9
जे.पी.क्लासिक, सेक्टर- 134,नोयडा,उत्तर प्रदेश
पिन कोड:201304

संपादक

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