दिनेश शर्मा, आष्टा
एमपी मीडिया पाइंटआफत की हुई बारिश ,गिरे ओले ,वेयर हाऊस भी गिरा ,प्रशासन उदासीन।
बीती रात को हुई बारिश ने जिस तरह का कहर बरपाया है इसको देखकर ऐसा लगता है जैसे प्रकृति इस समय पूरी तरह से रूठी गयी हे किसानो की फसल, हुई बारिश व गिरे ओलो से से जहाँ खराब होकर खेतो में गिर गयी है वही मुख्य हाइवे पर स्थित चिंनोठा वेयर हाऊस भी पूरा धसल गया जिससे गोदाम में रखा हजारो कुंटल सरकारी गेहू भी गीला होकर खराब हो रहा है ।हैरत वाली बात तो यह है कि सरकारी गेहू रखा वेयर हाऊस पूरा गिर गया चद्दरें उड़ गई पर स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी तक नही है।
वेयर हाऊस भी गिरा:-26
ओर 27 मार्च की रात आंधी तूफान के साथ हुई बारिश ने आष्टा निकट मुख्य हाइवे पर चनोठा जोड़ पर बना वेयर हाऊस की चद्दरें जहाँ उड़ा दी, वही बना गोदाम भी भरभरा कर गिर गया । इस वेयर हाऊस के बीम कालम जिस तरह गिर गए ।उससे ऐसा लगता है कि वेयर हाऊस के मालिक ने शासन को भारी चुना लगाते हुए बिल्कुल घटिया निर्माण किया है ।सब्सिडी के इस खेल का बड़ा नमूना यह वेयर हाऊस दिखाई दे रहा है ।
बारिश में गोदाम की चद्दरें पूरी उड़ जाने से गोदाम में रखा हजारो कुंटल गेहू गीला हो गया ।
ऐसा बताया जा रहा है कि यह गेहूं नागरिक आपूर्ति निगम का है ।अब आपूर्ति निगम आगे इस गेहू की सुरक्षा का क्या इंतजाम करता है यह भी देखने वाली बात होगी । लेकिन वेयर हाऊस निर्माण एजेंसी, व मालिक ने मिल कर निर्माण में किस तरह भ्रस्टाचार किया अब इसकी भी जांच जरूरी है । नाबार्ड से भरी भरखम सब्सिडी, व बैंक से लिये भारी लोन में किये गए गोलमाल का हकीकत यह भरभरा कर गिर वेयर हाऊस बता रहा है । इसके मालिक और निर्माण एजेंसी की खिलाफ भी कार्यवाही होना चाहिए ।
प्रशासन को नही थी जानकारी:--
हैरत की बात यह है कि मुख्य हाइवे पर बने वेयर हाऊस जिसमे की सरकारी गेहू हजारो कुंटल की तादात में रखा है , ओर वह रात को हुई बारिश और चले आंधी तूफान से पूरी तरह से छतिग्रस्त हो गिर गया , ओर गेहू गीला हो गया ।इस संम्बंध में जब 27 मार्च को दोपहर लगभग 2 बजे स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों से जानने का प्रयास किया तो आश्चर्य हुआ कि उन्हें भी इस मामले की जरा भी जानकारी नही थी । ऐसे में प्रकृति के कहर से आर्थिक रूप से घायल हुआ किसान की सुध कौन ओर कब तक लेगा आज यह कहना बड़ा ही मुश्किल दिखाई पड़ता है ।


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