शैलेश तिवारी 

ऑपरेशन लोटस: एक सियासी ड्रामा
ऑपरेशन लोटस...... यानि वह सियासी उठापटक जिसके दम पर भाजपा ने कर्नाटक में जेडीएस और कांग्रेस की सरकार को गिराकर.... भाजपा की सरकार का गठन करने में सफलता पाई...। राजनीति की टेढ़ी मेढ़ी चाल.... जब चलती है तो... जैसी दिखती है.... वैसी होती नहीं है..। और जैसी होती है... वैसी दिखती नहीं है.....। ये ठीक वैसा ही समझा जा सकता है कि.... राजनीति में जो कहा जाता है... वो किया नहीं जाता.... और जो किया जाता है... वो कहा नहीं जाता...। आसान से शब्दों में कही गई ये बात अगर विचार किया जाए तो बड़ी ही पेचीदा नजर आएगी...।
ये बात इसलिए कही जा रही है कि... इस समय सबसे टॉप का सियासी ड्रामा मध्य प्रदेश में चल रहा है... जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह यह दावा कर रहे हैं कि... भाजपा द्वारा कांग्रेस सहित निर्दलीय और बसपा, सपा के विधायकों को.... गुरुग्राम की एक होटल में ले जाया गया है...। भाजपा के ऐसा करने के पीछे उनके द्वारा यह मकसद बताया गया है कि.... कमलनाथ सरकार को गिराने का षड्यंत्र पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की अगुवाई में रचा गया है...। एक महिला विधायक को गुरुग्राम की होटल के सामने से कांग्रेसी अपने साथ वापस ले आये हैं... ऐसे ही अन्य विधायकों को लाने की बात भी कही जा रही है...। यही बात कांग्रेस के अन्य नेता भी कह रहे हैं...। दिग्विजयसिंह का तो यह तक दावा है कि.... उनके पास इस बात के पर्याप्त प्रमाण भी हैं... जिसे वक्त आने पर सार्वजनिक भी किया जा सकेगा...।
दूसरी तरफ शिवराजसिंह चौहान ने कांग्रेस के इस आरोप को खारिज करते हुए यह कहा है कि... कांग्रेस की अपनी अंदरूनी खींचतान को भाजपा पर आरोपित किया जा रहा है। इसी बात को भाजपा के अन्य नेता भी कह रहे हैं....। इन तमाम आरोप और प्रत्यारोप के बीच गौरतलब बात यह है कि... भाजपा के प्रदेशीय क्षत्रप इस बात को लोकसभा चुनाव के पहले कहा करते थे कि चुनाव के बाद कमलनाथ सरकार की मुश्किलें बढ़ जायेंगी..। अगर इस बात को ध्यान में रखें तो कांग्रेस की बात सही लगती है और कर्नाटक का सियासी खेल भी कांग्रेस के आरोप पर सत्यता की मोहर लगाता है....।
भाजपा के खंडन के पक्ष में ज्योतिरादित्य सिंधिया के बयान और उनकी नाराजगी समझ में आती है कि कांग्रेस में अंतरकलह चरम पर है....।
यहाँ यह सवाल उठना लाजिमी है कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही सही हैं तो झूठ क्या है? इस सियासी ड्रामे के पीछे की असल वजह क्या है? ऐसे ही और भी सवाल हो सकते हैं जो लोग समझने की कोशिश कर रहे हों...। इन सवालों के जवाब में अगर राजनैतिक पंडितों की बात मानी जाए तो पहला जवाब यह है कि भाजपा सच में ही कांग्रेस की सरकार को गिराकर मध्यप्रदेश की सत्ता पर काबिज होना चाहती थी लेकिन उसका ऑपरेशन लोटस फेल हो गया। दूसरा जवाब यह भी दिया जा रहा है कि कांग्रेस सत्ता में खुद को बनाए रखने के लिए ही यह सब कर अपनी आंतरिक मजबूती की जाँच कर रही हो। तीसरा और करारा जवाब यह भी सामने आया कि प्रदेश से राज्यसभा के लिए खाली हो रही सीटों पर अपनी दावेदारी पक्की करने के लिए.... किया कुछ गया और कहा कुछ गया...। खैर सच जो भी हो... वो आप परखें या वो जाने जो यह सब कर रहे हैं...। हम सारे पक्ष आपके समक्ष रखकर... हो जाते हैं खामोश....।
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