कायर राजनीति की जीत, जनता की हार



राजेश शर्मा 


जनता ने मप्र सरकार को चुना था। वचन पत्र पर कायमी लोगों के निशाने पर थी, लोकसभा का चुनाव हारे ज्योतिरादित्य सिंधिया की महत्वाकांक्षी सोच ने मध्यप्रदेश के अंदर राजनितिक हालात बदल दिये।
बिल्ली का गुजरना हुआ और छीके का टूटना। भाजपा की लुड़िया लग गई। लेकिन सवाल यह कि लुड़िया लुटिया भी बन सकती है जो इसी राजनीति के नाले मे कब डूब जाए..

कहावत है कि गड्ढा खोदने वाला एक दिन खुद गड्ढे मे गिरता है। जिस भाजपा मे जाकर सिंधिया ने कमलनाथ से बदला लिया वह उनका व्यक्तिगत मामला हो सकता है लेकिन करोड़ों मतदाताओं का नहीं। ड्रामे के जिम्मेदार सिंधिया काफी हद तक जनता के निशाने पर आ गए हैं। सिंधिया को गले लगाने का खामियाजा भाजपा को भी भुगतना पड़ेगा। लोग मध्यप्रदेश सरकार की अस्थिरता के लिए भाजपा को दोषी मान रहे हैं।

संवैधानिक रुप से अभी फिलहाल जो कुछ भी चल रहा है वह ऐसा है कि "शोभराज जा रहे हैं, शोभराज आ रहे हैं" यह मिठाई खाने का बहाना देख लीजिए। 

सदियों पहले उज्जैन के भर्तृहरि ने कहा था "वारांगनेव नृपनीतिस्नेकरुपा" अर्थात राजनीति वैश्या की भांति अनेक रुपों वाली होती है और महात्मा गांधी ने हिंद स्वराज मे लिखा था "अगर हम संसद की ब्रिटिश प्रणाली की नकल करेंगे, तो ऐसी वेश्या को अपनाएंगे जो बेची और खरीदी जा सके।"

आज के घटनाक्रम ने प्रजातंत्र के सभी अंगवस्त्र उतार दिए।भारत के लोकतांत्रिक इतिहास मे पहली मर्तबा वह हुआ जो मध्यप्रदेश मे कभी नहीं हुआ था। जनता के विश्वास से जीती सरकार 20 मार्च को  हथकंडों से हार गई। 23 मार्च को भारतमाता के लिए भगतसिंह,राजगुरु,सुखदेव ने फांसी के फंदे को चूमा था।
शहीदों ने सोचा था क्या कि जिस प्रजातंत्र के लिए वह सहर्ष प्राण न्यौछावर कर रहे हैं उसी प्रजातंत्र को तार-तार कर देने वाले खद्दरधारी भी आजादी के चंद दशक गुजरते ही पैदा हो जाएंगे।
सीहोर-इछावर के रास्ते पर एक रिसोर्ट मे हनीमून मनाकर लोटे भाजपा के विधायक भोपाल ऐसे पहुंचे जैसे कोई शूरवीर जंग जीतकर घर वापस लोटा हो। 
कमलनाथ के एक इस्तीफे ने पूरे नाटक को इस तरह खत्म कर दिया कि जैसे कोई शेर कह रहा हो कि "सिंधिया -शिवराज" खेलो हमजोली मैं तो चला, मुसाफिर हैं हम भी मुसाफिर हो तुम भी फिर किसी मोड़ पर मुलाकात होगी।
खेर जो भी हुआ आज कायर राजनीति जीती और जनता हारी है। अस्थिर मध्यप्रदेश करने के दोषियों के जुर्म की सजा फिर जनता के ही अदालत मे मिलने वाली है।
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