बरसात के साथ गिरे ओले किसानों के चेहरे मुरझाए
शिवराजसिंह राजपूत , राजेश बनासिया,हुकुमसिंह मेवाड़ा
इछावर, एमपी मीडिया पाइंट
बुधवार को पानी के साथ गिरे ओले ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। एक घंटे जमकर बारिश हुई।
बारिश से गेहूं,सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल अब काट ही रही थी, लेकिन इस बरसात और ओलावृष्टि से फसल प्रभावित हुई है। वहीं दूसरी तरफ बारिश से भी फसल प्रभावित हो गई। किसानों का कहना है कि बरसात से राहत कम, लेकिन नुकसान अधिक हुआ है। क्षेत्र में कहीं हल्की तो कहीं जमकर बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इस दौरान तेज हवाएं भी चली। लगभग एक मिनट तक ओलावृष्टि भी हुई है।
किसानो का कहना है कि इन दिनों फसल को बारिश की जरूरत नहीं है। हवा चलने के कारण नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। फसल बड़ी हो जाने के कारण गिर गई। उन्होंने बताया कि फसल के गिरने के बाद पैदावार भी प्रभावित होती है और इस बारिशऔर ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल प्रभावित हुई है। तेज हवा चलने से जहां पहले से ही फसल में पानी दिया हुआ था, वहां फसल के गिरने से उत्पादन पर इसका असर पड़ेगा।
किसान बताते हैं कि खेत मे गेहूँ के फसल की पचासी लगी थी, पुल बंधे हुए फेले हुए थे। खलिहान मे उपज का ढेर लगा हुआ था जो सबकुछ भीग गया। जो फसल खेत मे खड़ी है उसको नुकसान यह हुआ कि शरारती गेहूँ का कलर फीका हो गया जिससे तकरीबन 300-500 रुपये प्रति क्विंटल भाव कम होने का नुकसान है।
इछावर ब्लॉक के यह गांव हुए प्रभावित
देहखेड़ी,सेमली जदीद,मुवाड़ा,ढाबलामाता, बिजोरी,खेजडा,रामनगर,
ढाबलाराय,गाजीखेड़ी, मोहनपुर नोआबाद,निपानिया सिक्का,हलियाखेड़ी, जोगड़ाखेड़ी,रामपुरा,आदि
इछावर, एमपी मीडिया पाइंट
बुधवार को पानी के साथ गिरे ओले ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। एक घंटे जमकर बारिश हुई।
बारिश से गेहूं,सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल अब काट ही रही थी, लेकिन इस बरसात और ओलावृष्टि से फसल प्रभावित हुई है। वहीं दूसरी तरफ बारिश से भी फसल प्रभावित हो गई। किसानों का कहना है कि बरसात से राहत कम, लेकिन नुकसान अधिक हुआ है। क्षेत्र में कहीं हल्की तो कहीं जमकर बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इस दौरान तेज हवाएं भी चली। लगभग एक मिनट तक ओलावृष्टि भी हुई है।
किसानो का कहना है कि इन दिनों फसल को बारिश की जरूरत नहीं है। हवा चलने के कारण नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। फसल बड़ी हो जाने के कारण गिर गई। उन्होंने बताया कि फसल के गिरने के बाद पैदावार भी प्रभावित होती है और इस बारिशऔर ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल प्रभावित हुई है। तेज हवा चलने से जहां पहले से ही फसल में पानी दिया हुआ था, वहां फसल के गिरने से उत्पादन पर इसका असर पड़ेगा।
किसान बताते हैं कि खेत मे गेहूँ के फसल की पचासी लगी थी, पुल बंधे हुए फेले हुए थे। खलिहान मे उपज का ढेर लगा हुआ था जो सबकुछ भीग गया। जो फसल खेत मे खड़ी है उसको नुकसान यह हुआ कि शरारती गेहूँ का कलर फीका हो गया जिससे तकरीबन 300-500 रुपये प्रति क्विंटल भाव कम होने का नुकसान है।
इछावर ब्लॉक के यह गांव हुए प्रभावित
देहखेड़ी,सेमली जदीद,मुवाड़ा,ढाबलामाता, बिजोरी,खेजडा,रामनगर,
ढाबलाराय,गाजीखेड़ी, मोहनपुर नोआबाद,निपानिया सिक्का,हलियाखेड़ी, जोगड़ाखेड़ी,रामपुरा,आदि


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