लॉक डाउन का सब्जी मंडी में उड़ रहा मखौल,
किया जा सकता है फिलहाल अनाज मंडी परिसर का उपयोग
स्थानीय सब्जी मंडी में रोजाना लॉक डाउन का उड़ रहा मखौल, स्थानीय प्रशासन का इस ओर जरा भी ध्यान नहीं है या सब्जी मंडी को विशेष रूप से रियायत दे रखी है ?यह समझ नहीं आ रहा है। इतना तो है, कि जिस तरह से सब्जी मंडी का आम दिनों की तरह संचालन हो रहा है, वह पूरे शहर के लिए कहीं इंदौर जैसे हालात पैदा नही करदे ! क्योंकि आष्टा सब्जी मंडी में बड़े शहरो से भी सब्जियां गाड़ियों से आती है ऐसे में बाहर से आनी वाली सब्जियां और गाड़ियां क्या पूरी तरह से आइसोलेट से सेनेटाइज हो कर आ रही है? यह कोई नहीं कह सकता । फिर प्रशासन द्वारा इतनी लापरवाही किसलिए ? अधिकारियों को अविलंब इस ओर धयान देना चाहिए । इस तरह से व्यवस्था बनाये की अवरोध भी न हो और संक्रमण से बहुत हद तक बचा जा सके ।अगर ऐसा नही किया गया तो कोई बड़ी बात नही की आष्टा को भी प्रशासन की लापरवाही का नुकसान झेलना पड़े ।रोजाना सुबह 6 से 8 बजे तक सब्जी मंडी में जिस तरह का मेला लगता है उसे देख कर डर लगता है ।
किया जा सकता है फिलहाल अनाज मंडी परिसर का उपयोग
दिनेश शर्मा, आष्टा
एमपी मीडिया पाइंटस्थानीय सब्जी मंडी में रोजाना लॉक डाउन का उड़ रहा मखौल, स्थानीय प्रशासन का इस ओर जरा भी ध्यान नहीं है या सब्जी मंडी को विशेष रूप से रियायत दे रखी है ?यह समझ नहीं आ रहा है। इतना तो है, कि जिस तरह से सब्जी मंडी का आम दिनों की तरह संचालन हो रहा है, वह पूरे शहर के लिए कहीं इंदौर जैसे हालात पैदा नही करदे ! क्योंकि आष्टा सब्जी मंडी में बड़े शहरो से भी सब्जियां गाड़ियों से आती है ऐसे में बाहर से आनी वाली सब्जियां और गाड़ियां क्या पूरी तरह से आइसोलेट से सेनेटाइज हो कर आ रही है? यह कोई नहीं कह सकता । फिर प्रशासन द्वारा इतनी लापरवाही किसलिए ? अधिकारियों को अविलंब इस ओर धयान देना चाहिए । इस तरह से व्यवस्था बनाये की अवरोध भी न हो और संक्रमण से बहुत हद तक बचा जा सके ।अगर ऐसा नही किया गया तो कोई बड़ी बात नही की आष्टा को भी प्रशासन की लापरवाही का नुकसान झेलना पड़े ।रोजाना सुबह 6 से 8 बजे तक सब्जी मंडी में जिस तरह का मेला लगता है उसे देख कर डर लगता है ।



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