एक तरफ जहाँ सरकार और प्रशासन अनेको तरह के जतन कर खूब प्रचार प्रसार कर लोगो को बता रही है कि इस संक्रमण वाली कोरोना महामारी से बचने के लिए सामाजिक दूरी (शोशल डिस्टेंसिंग) का पूरा ख्याल रखे। सेनेटाइजर, मास्क के उपयोग से भी ज्यादा प्रमुख है आपसी दूरियां ।किन्तु शहर वासी हो या ग्रामीण इस महामारी की गम्भीरता को शायद समझने क़यो तैयार ही नही है ।आज फिर इस तरह की लापरवाहियों के नमूने देखने को मिले ।
इतनी गम्भीर लापरवाहियों के चलते स्थानीय पुलिस विभाग के पुलिस कर्मी साधुवाद के पात्र है जो सूचना मिलते ही ऐसे स्थानों पर तुरंत पहुच रहे है ओर मोर्चा संभाल रहे है । जहाँ भीड़ भाड़ अचानक हो रही है । ओर व्यवस्था को सुधार रहे है । ऐसे में सबसे ज्यादा अगर तकलीफ दायक जगह चिन्हित हो रही है तो वह है बैंको के कियोस, गैस एजेंसियां, आदि जो कि आज
पुलिस प्रशासन का सर दर्द बनी हुई है । इस तरह बैंको के कियोस ओर बैंकोकि मुख्य ब्रांच ओर शहर की गैस एजेंसियां कुल रूप से लॉक डाउन का मखोल उड़ा रहे है ।इस लापरवाही के लिए बहुत हद तक बैंको के स्थानीय प्रबन्धन कियोस के संचालक ओर गैस एजेंसियों के संचालक भी जिम्मेदार है । ऐसे में इतनी गम्भीर लापरवाहियों के लिए संचालको की जिम्मेदारी भी तय होना चाहिए ।
दिनेश शर्मा,आष्टाएमपी मीडिया पाइंट
कोरोना वायरस की महामारी को लेकर सरकार द्वारा जारी की गई अडवाइजरी को बला-ए-ताख रखकर ग्राहक बैंकों और उनके कियोस्क सेंटर्स पर खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए नजर आ रहे है। अव्यवस्था को सुधारने व नियमों के पालन के लिए पुलिस प्रशासन को मोर्चा सम्भालना पड़ रहा है ।
जनधन खातों में सरकार द्वारा डाली जा रही राशि को बैंक और कियोस्क से निकालने के लिए लोगों की भीड़ इतनी बड़ गई कि सोशल डिस्टेंस की किसीने परवाह ही नहीं की।
स्थिति यह है कि सुबह से ही लोग भीड़ लगा कर एकत्रित हो जाते है। और आज भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला जिसे देख पुलिस प्रशासन ने बैंकों ओर कियोस्को के बाहर लगी भीड़ को हटाया ओर सोशल डिस्टेंस बना कर लाइन लगवाई।
इधर गैस एजेंसी वालों को भी सोशल डिस्टेंस की परवाह नहीं है।सरकार द्वारा उज्ज्वला योजना में 3 महीने मुफ्त गैस सिलेंडर दिए जाने के बाद गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने के लिए ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी। लेकिन गैस एजेंसी संचालकों द्वारा भी सोशल डिस्टेंस का कोई पालन नहीं किया जा रहा। यहां भी पुलिस प्रशासन द्वारा ही भीड़ को दूर-दूर लाइन में खड़ा कर बारी-बारी आने को कहा गया। पुलिसकर्मी
कई बुजुर्ग पुरुष और महिलाओं से हाथ जोड़कर भी निवेदन करते नजर आए। क्योकि बुजुर्ग लोग स्थिति को समझ नहीं पा रहे थे कि हो क्या रहा है। लेकिन पुलिस के निवेदन को समझने के बाद सभी लाइन में लग कर अपनी बारी का इंतेजार करते नजर आए। वही अलग अलग कियोस्कों पर भी दोनों के द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग की जानकारी देते हुए कियोस्क सेंटर संचालकों को हिदायत दी गयी कि अपने ग्राहकों को दूर दूर खड़ा कर लाइन लगवाए।।
गांवों के हाल :--
शहर के अलावा अगर ग्रामीण क्षेत्रों को देखे तो निकटवर्ती ग्राम खाचरोद में स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट की शाखा, एवं जिला सहकारी बैंक की शाखा में बेतरतीब तरीके से ब्रांचों के बाहर भीड़ साफ दिखाई दे रही है । जबकि बीते दिवस ही जिले के पुलिस कप्तान खाचरोद गए भी थे, वहां सभी को समझाया भी था ।लेकिन आज का परिद्रश्य देख कर एेसा लगता है कि अधिकारी की समझाइश के कोई मायने ही नहीं रहे । जबकि खाचरोद में इन बैंकों के पास ही पुलिस चौकी भी है ।वह पुलिस को ध्यान देना चाहिए। वर्तमान मे नागरिकों की देखी जा रही भविष्य मे खतरनाक साबित हो सकती है।


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