भाऊँखेड़ी के प्राचीन हनुमान मन्दिर पर नहीं पहुँचगे श्रद्धालु
जिला मुख्यालय सीहोर से 19 किलोमीटर दूर इछावर ब्लाक के सबसे बड़े गाँवो में शुमार भाऊँखेड़ी जहाँ प्राचीन हनुमान जी का मंदिर है जिसे लोग शिवालय के नाम से जानते है। यहां स्थित प्राचीन हनुमान प्रतिमा सीहोर जिले की सबसे बड़ी हनुमानजी की प्रतिमा बताई हैं।
यह हनुमानजी का मंदिर बीच ग्राम में स्थित है। इस सिद्ध स्थली पर लोगो की गहरी आस्था है। मन्दिर प्राचीन है कब बना, किसने बनवाया, यह बात अभी तक सम्पूर्ण रूप से गांव में किसी को पता नही हैं। गाँव की सौ वर्ष से से अधिक उम्र पार कर चुकी खबू बाई ने बताया कि जब मेरा विवाह हुआ व मै पहली बार भाऊँखेड़ी आई तब मेने इस मंदिर को इसी तरह देखा था व मेरे सास-ससुर भी कभी-कभी मन्दिर के बारे में यही बताया करते थे के यह कब बना ओर किसने बनवाया ये हमे भी पता नहीं है।
लोग बताते है कि पहले बहुत से महात्माओं का डेरा इसी मंदिर में हुआ करता था यहाँ पर सभी महात्मा चातुर्मास्य बिताया करते थे इस वर्ष कोरोना वायरस की वजह लाकडाउन चल रहा है जिसके तहत इस वर्ष ग्राम के इस प्राचीन हनुमान मंदिर में लाकडाउन के कारण भक्तगण पहुँच नही पाएंगे, मन्दिर समिति ने सभी बड़े कार्यक्रम निरस्त करते हुए निर्णय लिया है कि केवल पुजारी द्वारा ही हनुमान जी का श्रृंगार, एवं पूजा-अर्चना की जाएगी।
राजेश बनासिया,भाऊँखेड़ी एमपी मीडिया पाइंट
जिला मुख्यालय सीहोर से 19 किलोमीटर दूर इछावर ब्लाक के सबसे बड़े गाँवो में शुमार भाऊँखेड़ी जहाँ प्राचीन हनुमान जी का मंदिर है जिसे लोग शिवालय के नाम से जानते है। यहां स्थित प्राचीन हनुमान प्रतिमा सीहोर जिले की सबसे बड़ी हनुमानजी की प्रतिमा बताई हैं।
यह हनुमानजी का मंदिर बीच ग्राम में स्थित है। इस सिद्ध स्थली पर लोगो की गहरी आस्था है। मन्दिर प्राचीन है कब बना, किसने बनवाया, यह बात अभी तक सम्पूर्ण रूप से गांव में किसी को पता नही हैं। गाँव की सौ वर्ष से से अधिक उम्र पार कर चुकी खबू बाई ने बताया कि जब मेरा विवाह हुआ व मै पहली बार भाऊँखेड़ी आई तब मेने इस मंदिर को इसी तरह देखा था व मेरे सास-ससुर भी कभी-कभी मन्दिर के बारे में यही बताया करते थे के यह कब बना ओर किसने बनवाया ये हमे भी पता नहीं है।
लोग बताते है कि पहले बहुत से महात्माओं का डेरा इसी मंदिर में हुआ करता था यहाँ पर सभी महात्मा चातुर्मास्य बिताया करते थे इस वर्ष कोरोना वायरस की वजह लाकडाउन चल रहा है जिसके तहत इस वर्ष ग्राम के इस प्राचीन हनुमान मंदिर में लाकडाउन के कारण भक्तगण पहुँच नही पाएंगे, मन्दिर समिति ने सभी बड़े कार्यक्रम निरस्त करते हुए निर्णय लिया है कि केवल पुजारी द्वारा ही हनुमान जी का श्रृंगार, एवं पूजा-अर्चना की जाएगी।


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