लॉकडाउन का पालन हमने किया... और सरकार ने....?
समय आया सरकार से सवाल करने का..
लेखक
आज 30 दिन हुए घर मे बन्द क्या किया
सरकारों ने
इस बीच दो टास्क पूरे किए माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा दिये...
व दूरदर्शन पर प्रभु श्री राम जी की रामायण भी देख खुद को धर्म से जोड़ा पाया बहुत से बदलाव लाये खुद में बहुत से कार्य खुद घर के करने लगे व अपनो की मनोदशा समझने लगे घर से बाहर न निकलना तो आज्ञा का पालन करना अपनी राष्ट्रभक्ति से जोड़ खुद को समझने समझाने लगे जैसे जैसे केंद्र व राज्य सरकारों ने कहा वह कर रहे
अपने व्यपार बन्द कर सभी वर्करों को उनकी तनखाह देने को तैयार घर पर सफाई वाली बर्तन वाली गाड़ी वाले सब को बिन पैसे काटे पूर्ण तनखाह दे रहे
मगर यह कब तक कर पायेंगे
कब तक कोरोना का डर भय हम पर बना रहेगा व सरकारे कब इस कोरोना वायरस से देश को मुक्ति दिलाने को ले गम्भीरता से कार्य करेंगी
अब वक़्त आ गया सरकारों से पूछने का
व यह कहने का की हम तो वह सब कर दिखाया जो आप ने कहा व कर भी रहे
आप क्या कर रहे जरा सुने व बताये आप हमें भी
अगला टास्क आप कर दिखाए हमे यह बताएं
क्या आप सरकार को पहले न मालूम था कोरोना वायरस भारत भी आएगा
अगर मालूम था तो तैयारी क्यों नही की
क्यों नही वक़्त रहते आप के उड्डयन मंत्री,स्वास्थ्य मंत्री तुरन्त निर्णय ले पाए
दिल्ली में मरकज में जमात का एकत्रित होना दिल्ली सरकार व दिल्ली पुलिस एक दूसरे पर ठिकड़ा फोड़ खुद को बचा लेना सब हो गया आगे क्या किस ने करना वह बताये
क्या कोरोना वायरस लॉकडाउन कर ही इसे भगाया जाना है वह ठीक है हम कर लेंगे मगर कब तक कितना वक़्त लेना चाहते आप वह बताये
कोरोना नियंत्रण करने के लिए आप का क्या रोड मैप
एक वक्त एक लक्ष्य सरकार क्यों न निश्चित कर बता रही
किस तिथि तक सरकार इसे नियंत्रित करे हमे अपने व्यपार करने के लिए कहेगी
पूछे जरूर पूछे..आप
देश मे हर रोज अब कितने टेस्ट कर रहे व कितनी रफ्तार बड़ी आगे कितनी और बढाने का लक्ष्य
कितने जगह सरकार ने राज्य में सेनेटाइज किया व न किया तो क्यों नही किया एक महीने से ऊपर व्यतीत होने को अब क्या सोच कब तक करेंगे
हर जगह हर दुकान पर गोसरी के रेटो में इजाफा होने से क्यों न रोक पा रही।
हर खाने पकाने की वस्तु आज कुछ, कल कुछ और बढ़े दामो पर मिल रही ऐसा निरंतर हो रहा यह क्यों हो रहा
घर रहे सुरक्षित रहे
हम अमल कर रहे
मगर कब तक घर रहे व काम से दूर रहे
क्यों नही टेस्ट की रफ्तार बढ़ा जल्द से जल्द राहत दी जाए राज्यो को सेनेटाइज किया जा रहा
गरीब को दे दोगे व दिलवा भी दोगे
अमीर के पास आगे बहुत है उसे दे भी देते
मगर जिस से लेते बस लेते न कुछ देते ऐसे में वह मध्यम वर्ग का समाज कहां जाएगा
जो आप का व्यपारी है उसे कितना निचोड़गे कितना खाओगे
क्या उन के लिए कोई राहत ले कर आओगे या यूं ही
बन्द बन्द बन्द कर उन्हें तबाह कर कोरोना भागाओगे......?
समय आया सरकार से सवाल करने का..
लेखक
पवन अरोड़ा नई दिल्ली
आज 30 दिन हुए घर मे बन्द क्या किया
सरकारों ने
इस बीच दो टास्क पूरे किए माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा दिये...
व दूरदर्शन पर प्रभु श्री राम जी की रामायण भी देख खुद को धर्म से जोड़ा पाया बहुत से बदलाव लाये खुद में बहुत से कार्य खुद घर के करने लगे व अपनो की मनोदशा समझने लगे घर से बाहर न निकलना तो आज्ञा का पालन करना अपनी राष्ट्रभक्ति से जोड़ खुद को समझने समझाने लगे जैसे जैसे केंद्र व राज्य सरकारों ने कहा वह कर रहे
अपने व्यपार बन्द कर सभी वर्करों को उनकी तनखाह देने को तैयार घर पर सफाई वाली बर्तन वाली गाड़ी वाले सब को बिन पैसे काटे पूर्ण तनखाह दे रहे
मगर यह कब तक कर पायेंगे
कब तक कोरोना का डर भय हम पर बना रहेगा व सरकारे कब इस कोरोना वायरस से देश को मुक्ति दिलाने को ले गम्भीरता से कार्य करेंगी
अब वक़्त आ गया सरकारों से पूछने का
व यह कहने का की हम तो वह सब कर दिखाया जो आप ने कहा व कर भी रहे
आप क्या कर रहे जरा सुने व बताये आप हमें भी
अगला टास्क आप कर दिखाए हमे यह बताएं
क्या आप सरकार को पहले न मालूम था कोरोना वायरस भारत भी आएगा
अगर मालूम था तो तैयारी क्यों नही की
क्यों नही वक़्त रहते आप के उड्डयन मंत्री,स्वास्थ्य मंत्री तुरन्त निर्णय ले पाए
दिल्ली में मरकज में जमात का एकत्रित होना दिल्ली सरकार व दिल्ली पुलिस एक दूसरे पर ठिकड़ा फोड़ खुद को बचा लेना सब हो गया आगे क्या किस ने करना वह बताये
क्या कोरोना वायरस लॉकडाउन कर ही इसे भगाया जाना है वह ठीक है हम कर लेंगे मगर कब तक कितना वक़्त लेना चाहते आप वह बताये
कोरोना नियंत्रण करने के लिए आप का क्या रोड मैप
एक वक्त एक लक्ष्य सरकार क्यों न निश्चित कर बता रही
किस तिथि तक सरकार इसे नियंत्रित करे हमे अपने व्यपार करने के लिए कहेगी
पूछे जरूर पूछे..आप
देश मे हर रोज अब कितने टेस्ट कर रहे व कितनी रफ्तार बड़ी आगे कितनी और बढाने का लक्ष्य
कितने जगह सरकार ने राज्य में सेनेटाइज किया व न किया तो क्यों नही किया एक महीने से ऊपर व्यतीत होने को अब क्या सोच कब तक करेंगे
हर जगह हर दुकान पर गोसरी के रेटो में इजाफा होने से क्यों न रोक पा रही।
हर खाने पकाने की वस्तु आज कुछ, कल कुछ और बढ़े दामो पर मिल रही ऐसा निरंतर हो रहा यह क्यों हो रहा
घर रहे सुरक्षित रहे
हम अमल कर रहे
मगर कब तक घर रहे व काम से दूर रहे
क्यों नही टेस्ट की रफ्तार बढ़ा जल्द से जल्द राहत दी जाए राज्यो को सेनेटाइज किया जा रहा
गरीब को दे दोगे व दिलवा भी दोगे
अमीर के पास आगे बहुत है उसे दे भी देते
मगर जिस से लेते बस लेते न कुछ देते ऐसे में वह मध्यम वर्ग का समाज कहां जाएगा
जो आप का व्यपारी है उसे कितना निचोड़गे कितना खाओगे
क्या उन के लिए कोई राहत ले कर आओगे या यूं ही
बन्द बन्द बन्द कर उन्हें तबाह कर कोरोना भागाओगे......?


Post A Comment: