जिला विपड़न अधिकारी ने उपार्जित गेहूँ  का  मंडी में ढेर लगवाया ।
अचानक आज अंधेरा होते होते मार्केटिंग सोसायटी द्वारा शीतल वेयरहाउस पर  किसानों का तोला जा रहा गेहूं को किसानों की ट्रालियों से ही मंडी प्रांगण में खाली करवाकर खुले में ढेर लगा दिया और जिला विपड़न अधिकारी पूरे समय अपने फोन पर ही व्यस्त दिखाई दिए ...


दिनेश शर्मा, आष्टाएमपी मीडिया पाइंट 

 शीतल वेयरहाउस पर मार्केटिंग सोसायटी का  उपार्जन केंद्र बना हुआ है ।जहां किसानों का गेहूं  तुलाया जा रहा है, पर शुक्रवार की शाम को अंधेरा होते होते अचानक दर्जनों ट्रालियां किसान स्वयं कांटे पर तौल करवाकर लाए और मंडी के प्रांगण में खुले में अपने तरीके से ढेर लग गया ।
न कोई देखने वाला और न कोई सुनने वाला दिखाई दे रहा था ।
जब पता लगाने का प्रयास किया  तो देखा कि गेहू के  ढेर से बहुत दूर जिला विपड़न अधिकारी प्रशांत बावनकर फोन पर बाते करते हुऐ तफरी कर रहे है ।
ऐसे में ढेर लगे गेहूँ  के वजन और क्वालिटी की क्या विश्वनीयता होगी कहना बहुत मुश्किल है ।
जब मौजूद अधिकारी बावनकर से जानने और समझने का प्रयास किया तो महोदय फोन पर बातें करते  हुए अपनी जिम्मेदारी से विमुख होकर वहाँ से चले गए ।
बेतरतीब तरीके से हुए इस कार्यक्रम में पूरी तरह से जिला विपड़न अधिकारी की लापरवाही ही प्रतीत हो रही है। या हो सकता है कि महोदय द्वारा बरती लापरवाही के पीछे उनका कोई स्वार्थ छिपा हो।
मंडी प्रांगण में लगे गेहू के ढेर की पुनः तुलाई हो तो किसी हद तक अधिकारी की लापरवाही सामने आ सकती है ।
ऐसे में यह कहना भी कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि कुछ तो गड़बड़झाला है!
वही मंडी परिसर में किसानों के इस हुजूम ने तोल काटे ओर  गेहू खाली करने वाले स्थान पर सोशल डिस्टेंसिग का भी पूरी तरह से मजाक उड़ाया। जबकि आष्टा मे दो कोरोना पाजीटिव दो दिन के अंदर मिल चुके हैं।
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