प्रयागराज, एमपी मीडिया पाइंट
मानवता को हिला देने वाला जघन्य हत्याकांड हुआ जिसमे सीआरपीएफ के जवान ने पत्नी,बेटा,बेटी को मौत के घाट उतार दिया, खुद भी फांसी के फंदे पर झूल गया।
सीआरपीएफ जवान विनोद पर आरोप था कि उसने शराब के नशे में महिला से अभद्रता व छेड़छाड़ की। मामले की जांच डिप्टी कमांडेंट समेत दो अफसरों को सौंपी गई थी, जिन्होंने पूछताछ भी की थी। जिस महिला ने विनोद के खिलाफ उच्चाधिकारियों को शिकायत की थी, वह बच्चों समेत परिसर में रहती है जबकि उसका पति कहीं बाहर तैनात है।
पांच दिनों पहले उसने मामले की लिखित शिकायत की थी। इसमें आरोप लगाया था कि विनोद नशे में उससे अभद्रता और छेड़छाड़ करता है। कई बार मना करने के बावजूद वह मानने को तैयार नहीं। इसके बाद मामले की जांच डिप्टी कमांडेंट वीएस शुक्ला व असिस्टेंट कमांडेंट विजय यादव को सौंपी गई थी। शुक्रवार को विनोद से पूछताछ भी की गई थी।
ग्रुप सेंटर के डीआईजी मनीष सच्चर ने बताया कि शिकायत मिलने पर उन्होंने जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की थी। जांच अभी चल ही रही थी। पूछताछ हुई है या नहीं, इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं।
पूछताछ हुई भी होगी तो यह विभागीय प्रक्रिया है। आरक्षी चालक विनोद कुमार यादव सीआरपीएफ की 224 बटालियन में तैनात था। पुलिस की पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि वह कमांडेंट तपन कुमार का वाहन चालक भी था। हालांकि उनका कहना है कि लॉकडाउन से कई दिन पहले ही वह उनके चालक के तौर पर लगाया गया था।
आठ-10 दिनों बाद लॉकडाउन लागू हो गया जिसके बाद वह घर पर ही रहता था। शनिवार को हुई घटना के बारे में डिप्टी कमांडेंट जेएस शेखावत की ओर से तहरीर दी गई है। थरवई एसओ भुवनेश चौबे के मुताबिक, तहरीर में कहा गया है कि आरक्षी विनोद कुमार यादव के क्वार्टर से सुबह फायरिंग की आवाजें आईं। जानकारी पर वह व अन्य अफसर पहुंचे तो दरवाजा भीतर से बंद मिला। दरवाजा तोड़कर भीतर जाने पर आरक्षी व उसकी पत्नी के अलावा दो बच्चे मृत पड़े मिले। एसओ ने बताया कि जांच की जा रही है।
अनुमान के अनुसार घटना के दौरान झड़प और विरोध भी हुआ था!
मानवता को हिला देने वाला जघन्य हत्याकांड हुआ जिसमे सीआरपीएफ के जवान ने पत्नी,बेटा,बेटी को मौत के घाट उतार दिया, खुद भी फांसी के फंदे पर झूल गया।
सीआरपीएफ जवान विनोद पर आरोप था कि उसने शराब के नशे में महिला से अभद्रता व छेड़छाड़ की। मामले की जांच डिप्टी कमांडेंट समेत दो अफसरों को सौंपी गई थी, जिन्होंने पूछताछ भी की थी। जिस महिला ने विनोद के खिलाफ उच्चाधिकारियों को शिकायत की थी, वह बच्चों समेत परिसर में रहती है जबकि उसका पति कहीं बाहर तैनात है।
पांच दिनों पहले उसने मामले की लिखित शिकायत की थी। इसमें आरोप लगाया था कि विनोद नशे में उससे अभद्रता और छेड़छाड़ करता है। कई बार मना करने के बावजूद वह मानने को तैयार नहीं। इसके बाद मामले की जांच डिप्टी कमांडेंट वीएस शुक्ला व असिस्टेंट कमांडेंट विजय यादव को सौंपी गई थी। शुक्रवार को विनोद से पूछताछ भी की गई थी।
ग्रुप सेंटर के डीआईजी मनीष सच्चर ने बताया कि शिकायत मिलने पर उन्होंने जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की थी। जांच अभी चल ही रही थी। पूछताछ हुई है या नहीं, इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं।
पूछताछ हुई भी होगी तो यह विभागीय प्रक्रिया है। आरक्षी चालक विनोद कुमार यादव सीआरपीएफ की 224 बटालियन में तैनात था। पुलिस की पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि वह कमांडेंट तपन कुमार का वाहन चालक भी था। हालांकि उनका कहना है कि लॉकडाउन से कई दिन पहले ही वह उनके चालक के तौर पर लगाया गया था।
आठ-10 दिनों बाद लॉकडाउन लागू हो गया जिसके बाद वह घर पर ही रहता था। शनिवार को हुई घटना के बारे में डिप्टी कमांडेंट जेएस शेखावत की ओर से तहरीर दी गई है। थरवई एसओ भुवनेश चौबे के मुताबिक, तहरीर में कहा गया है कि आरक्षी विनोद कुमार यादव के क्वार्टर से सुबह फायरिंग की आवाजें आईं। जानकारी पर वह व अन्य अफसर पहुंचे तो दरवाजा भीतर से बंद मिला। दरवाजा तोड़कर भीतर जाने पर आरक्षी व उसकी पत्नी के अलावा दो बच्चे मृत पड़े मिले। एसओ ने बताया कि जांच की जा रही है।
अनुमान के अनुसार घटना के दौरान झड़प और विरोध भी हुआ था!


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