भूख प्यास से बेहाल मजदूरों ने तोड़े बेरिकेट
रीवा, एमपी मीडिया पॉइंट
घर लौटने की चाह में मजदूरों के सब्र का बांध उस समय टूट गया, जब भूख प्यास से बेहाल मजदूरों ने सीमा पर लगे बेरिकेट को तोड़कर उतर प्रदेश की सीमाओं में प्रवेश किया।
घटना मध्यप्रदेश के चाकघाट स्थित एमपी-यूपी बार्डर की है। जहाँ देश के अलग अलग हिस्सों से मजदूर पैदल चलकर अपने घर जाने के लिए एकत्रित हुए थे। ये सभी यूपी स्थित अपने अपने गाँवों में जाने के लिए सड़कों की लंबाई को बौना साबित करते हुए यहाँ तक पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि उत्तरप्रदेश की सीमा में जाने के लिए रात से ही श्रमिकों को वहाँ तैनात सुरक्षा कर्मियों ने लाइन में लगवा दिया गया था। रात भर लाइन में लगे रहने के दौरान सुबह तक इन्हें बिना खाना-पानी के ही लाइन में खड़ा करा रखा गया। भूख प्यास से परेशान इन श्रमिकों ने आक्रोशित होकर उत्तरप्रदेश की सीमा पर लगे बैरिकेट को तोड़ दिया और सीमा में घुस गए। जिसके बाद एमपी से रीवा एसपी आबिद खान, व यूपी डीएम, एसपी सहित अन्य प्रशासन के नुमाइंदे मौके पर जायजा लेने पहुंचे। इन मजदूरों के प्रवेश के बाद क्षेत्र में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। बिना स्क्रीनिंग के या बिना किसी अन्य आवश्यक जाँच के इनके अपने घरों तक पहुंचना कोरोना कैरियर भी साबित हो सकता है। इन आशंकाओं को निर्मूल करने के लिए सभी जिलों के प्रशासन को सतर्क किया गया है। ताकि आवश्यक कदम उठाकर खतरे को टाला जा सके।
रीवा, एमपी मीडिया पॉइंट
घर लौटने की चाह में मजदूरों के सब्र का बांध उस समय टूट गया, जब भूख प्यास से बेहाल मजदूरों ने सीमा पर लगे बेरिकेट को तोड़कर उतर प्रदेश की सीमाओं में प्रवेश किया।
घटना मध्यप्रदेश के चाकघाट स्थित एमपी-यूपी बार्डर की है। जहाँ देश के अलग अलग हिस्सों से मजदूर पैदल चलकर अपने घर जाने के लिए एकत्रित हुए थे। ये सभी यूपी स्थित अपने अपने गाँवों में जाने के लिए सड़कों की लंबाई को बौना साबित करते हुए यहाँ तक पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि उत्तरप्रदेश की सीमा में जाने के लिए रात से ही श्रमिकों को वहाँ तैनात सुरक्षा कर्मियों ने लाइन में लगवा दिया गया था। रात भर लाइन में लगे रहने के दौरान सुबह तक इन्हें बिना खाना-पानी के ही लाइन में खड़ा करा रखा गया। भूख प्यास से परेशान इन श्रमिकों ने आक्रोशित होकर उत्तरप्रदेश की सीमा पर लगे बैरिकेट को तोड़ दिया और सीमा में घुस गए। जिसके बाद एमपी से रीवा एसपी आबिद खान, व यूपी डीएम, एसपी सहित अन्य प्रशासन के नुमाइंदे मौके पर जायजा लेने पहुंचे। इन मजदूरों के प्रवेश के बाद क्षेत्र में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। बिना स्क्रीनिंग के या बिना किसी अन्य आवश्यक जाँच के इनके अपने घरों तक पहुंचना कोरोना कैरियर भी साबित हो सकता है। इन आशंकाओं को निर्मूल करने के लिए सभी जिलों के प्रशासन को सतर्क किया गया है। ताकि आवश्यक कदम उठाकर खतरे को टाला जा सके।


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