नई दिल्ली 
भारत के खिलाफ चीन को दोगला चेहरा अब खुलकर सामने आ गया है। गलवान घाटी पर चीनी सैनिको की हिंसक झड़प, नेपाल का नक्शा विवाद के बाद अब पाकिस्तान को मोहरा बना कर ड्रेगन का भारत को चौरतरफा घेरने का मंसूबा सामने आया है। काफी समय से पाकिस्तान की मांग पर इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने आखिर जम्मू कश्मीर पर आपातकालीन बैठक बुला ही ली। इस बैठक को चीन की साजिशका हिस्सा ही करार दिया जा रहा है ताकि भारत पर चौतरफा दबाव बनाकर वह अपने हितों को पूरा कर सके।

इस्लामिक संगठन की यह बैठक कॉन्टैक्ट ग्रुप की है जिसे OIC ने जम्मू-कश्मीर के लिए 1994 में बनाया था। इस बैठक की मांग पाकिस्तान लंबे समय से कर रहा था। जब भारत चीन, नेपाल और पाकिस्तान के साथ कई तरह के विवादों का सामना कर रहा है, ऐसे में ओआईसी की बैठक भारत के लिए किसी झटके से कम नहीं है।

बैठक में भारत के खिलाफ जमकर जहर उगला
सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई OIC की बैठक में कश्मीर के मौजूदा हालात पर चर्चा के दौरान भारत के खिलाफ जमकर जहर उगला गया । इस दौरान पाकिस्तान ने OIC से कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए "अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने" का आग्रह किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान के अनुरोध पर जम्मू-कश्मीर पर OIC संपर्क समूह की एक डिजिटल बैठक के दौरान विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने यह टिप्पणी की। इसने बताया कि अपने संबोधन में कुरैशी ने OIC से कश्मीर मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
कुरैशी ने बैठक के बाद मीडिया को बताया कि समूह कश्मीर की स्थिति को समझने के लिए एक अवलोकन मिशन बनाने पर सहमत हुआ है। OIC कॉन्टैक्ट ग्रुप के विदेश मंत्रियों की इस बैठक में कहा गया कि भारत सरकार की ओर से 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर को केन्द्र शासित प्रदेश बनाकर उसके विभाजन का फ़ैसला संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन है। इस्लामिक देशों के बयान में कहा गया कि कश्मीर पर भारत का फैसला संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव की प्रतिबद्धता का भी उल्लंघन है।
(साभार)
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