लेखिका
आज फिर याद आ गया कोई,
दर्द दिल का जगा गया कोई ।।
कर सके हम नहीं गिला उनसे,
अश्क़ हंस कर छिपा गया कोई ll
उन से बिछुडे़ गुजर गया अरसा,
याद फिर से दिला गया कोई ll
जान कुर्बान है वतन खातिर,
जान दे कर दिखा गया कोई ll
तीर दिल पे तेज लगा लगता,
ये नज़र से बता गया कोई ll
जो करो तुम वही भरो रीनू"
आज शीशा दिखा गया कोई ll
संपादक
आज फिर याद आ गया कोई,
दर्द दिल का जगा गया कोई ।।
कर सके हम नहीं गिला उनसे,
अश्क़ हंस कर छिपा गया कोई ll
उन से बिछुडे़ गुजर गया अरसा,
याद फिर से दिला गया कोई ll
जान कुर्बान है वतन खातिर,
जान दे कर दिखा गया कोई ll
तीर दिल पे तेज लगा लगता,
ये नज़र से बता गया कोई ll
जो करो तुम वही भरो रीनू"
आज शीशा दिखा गया कोई ll
रीनू शर्मा, टोरंटो, कनाडा
-------------परिचय
रीनू शर्मा, टोरोंटो, ओंटारियो, कनाडा में निवास करती हैं। आप वहाँ पर टीचर के रूप में कार्यरत हैं। साथ साहित्य से लगाव होने के साथ आप अपनी लेखनी के माध्यम से साहित्य सेवा में संलग्न हैं। आपका एमपी मीडिया पॉइंट पर हार्दिक स्वागत है।संपादक


Post A Comment: