लेखिका 

ऑनलाइन शिक्षा

ये कैसी ऑनलाइन शिक्षा है ?
जिसमे न बस का इंतज़ार है ,
न पैदल स्कूल जाने का मज़ा है , 
बस घर बैठे कंप्यूटर के सामने पढ़ना है l
जिसमे न प्रार्थना सभा है ,
न पीटी है न व्यायाम है ,
बस घर पर कंप्यूटर के सामने बैठना  है l 
ये कैसी ऑनलाइन शिक्षा है ?
जिसमे न खेल का मैदान  है ,
न घंटी  का इंतज़ार है ,
बस अकेले ही  कंप्यूटर के सामने पढ़ना है l
जिसमे न भावनात्मक जुड़ाव है, 
बस ज्ञानात्मक ही ज्ञानात्मक है ,
मनोप्रेरणा का अत्यंत अभाव है l 
क्या यही ऑनलाइन शिक्षा है ? 
मैं इसकी विरोधी नहीं ,
पर क्या यही शिक्षा का भविष्य है ?
विकट स्थितियों में यह शिक्षा स्वीकार्य है  l
लेकिन हमें अपनी मूल शिक्षा पद्धति पर आना है ,
जहाँ छात्रों का सर्वांगीण विकास होना है ,
जहाँ गुरुओं का ध्रुव - स्थान निश्चित है l

यही प्रभावी शिक्षा पद्धति  है l                                 अर्चना ‘आर्ची’  

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संपादक 
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