अपने स्टॉफ को सुधारों शिवराज जी,
मीडिया से दूरी महंगी पड़ेगी-शिवराज जी,
आईएएस ओपी श्रीवास्तव जैसे अफसर बिगाड़ते हैं सरकार की छवि
इसका एक उदाहरण मैं देती हूँ राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दे पर केन्द्रित और पत्रकारिता के कार्य हेतु मैंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मुलाकात के लिए सीएम के अतिरिक्त सचिव से समय मांगा, मैसेज किया। मैंने लगभग 8-10 बार प्रमोटी आईएएस श्री ओपी श्रीवास्तव को फोन लगाया मैसेज छोडा पर उनका जवाब नही आया ना उन्होंने मेरा फोन उठाया और खुद से बात न करकर उन्होंने किसी स्टॉफ से फोन लगवाकर कहलवा दिया कि वो व्यस्त है एवं सीएम साहब किसी से भी मिलना नही चाहते है। खैर मिलना न मिलना वो मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। ऐसा मेरे साथ शिवराज के मुख्यमंत्री कार्यकाल के करीब 13 वर्षों में पहली बार हुआ उनको जानते हुए मैं कह सकती हूँ कि उन तक बात नहीं पहुंचाई जा रही है। खैर अब यह मुख्यमंत्री के ऊपर है कि क्या उनका कार्यकाल भी कमलनाथ सरकार के दौर की याद दिलवाएगा।
उनकी सरकार में भी ऐसा ही होता था। खासकर मीडिया को तो कमलनाथ के आसपास भटकने नही दिया जाता था। कमलनाथ के करीबी अधिकारियों ने मीडिया के सामने उनकी छवि विलेन की बना दी थी। जिसका नतीजा क्या हुआ आज सबके सामने हैं। यही प्रमोटी आईएएस ओ.पी.श्रीवास्तव कमलनाथ सरकार में जनसंपर्क विभाग में संचालक के पद पर आसीन थे। आखिर में कांग्रेस सरकार ही चली गई और श्रीवास्तव को जनसम्पर्क से हटना पड़ा था। लेकिन आज वही श्रीवास्तव सीएम के खास बनकर दीमक का काम कर रहे हैं।
शिवराज जी अभी समय है, आपको श्रीवास्तव जैसे अधिकारियों से सतर्क रहने की जरूरत है। अभी सरकार नाजुक दौर से गुजर रही है। मीडिया से दूरी बनाकर आप स्थापित नही हो पाएंगे। आप कमलनाथ की राह पर चलकर अपने आपको प्रदर्शित नहीं कर पाएंगे। मीडिया से दूरी का परिणाम आपके सामने है। आवश्यकता है आप अपने स्टॉफ के लोगों को पहचाने। आपकी जानकारी में होना चाहिए कि आपके पीठ-पीछे क्या चल रहा है।
यह बात सच है कि कोरोना के संकटकाल में आप व्यस्त हैं। स्थितियों को सुधारने में दिन रात लगे हुए हैं। इसीलिए आप ध्यान नही दे पा रहे हो। पर अफसरों पर ऑख बंद करके विश्वास करेंगे तो आपकी और सरकार की छवि खराब हो जाएंगी। कम से कम अपने स्टॉफ पर तो नजर रखने की आवश्यकता है।
कृपया कुप-मंडुक होकर अधिकारियों पर निर्भर ना होईयेगा। आज के दौर में जिम्मेदारी काफी बढ़ गई है, कमलनाथ सरकार की तरह आप और सरकार मीडिया से दूरी बनाएंगे तो यह प्रदेश के लिए लाभदायक नही होगा। प्रदेश कि वास्तविक स्थिति से अवगत होना आपके गर्वेनेंस के लिए लाभदायक होगा और मीडिया का काम भी यही है।
पहले ही मीडिया जगत कमलनाथ शासन में काफी त्रस्त हो चुका है। आपसे मीडिया जगत को बहुत उम्मीदें हैं। आपके शासनकाल में सरकार ने मीडिया की और मीडिया ने सरकार की छवि खराब नही होने दी। आशा करती हूँ कि आप मीडिया की गरिमा और गौरव को बनाये रखने में अपना योगदान देंगे।
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मीडिया से दूरी महंगी पड़ेगी-शिवराज जी,
आईएएस ओपी श्रीवास्तव जैसे अफसर बिगाड़ते हैं सरकार की छवि
विजया पाठक
सरकार बदलने के बाद भी कुछ अधिकारी कांग्रेसी ढ़र्रे पर चल रहे हैं। इनका कमलनाथ सबसे ज्यादा खामियाजा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को होगा। जो आरोप कमलनाथ पर लगते थे कि वे वल्लभ भवन के मुख्मयमंत्री है प्रदेश के नहीं, कहीं वही शिवराज सिंह के साथ तो वर्तमान में नही हो रहा है। इसके पीछे तर्क यह है कि कुछ अधिकारियों ने उनका दायरा सीमित कर दिया है। पूर्व की शिवराज सिंह चौहान की व्यापक छवि एक ऊर्जावान, क्षमतावान एवं मिलनसार मुख्यमंत्री के रूप में थी जो अब कोरोनाकाल में एक न्यूट्रल जननेता के रूप में बदल गयी है। आपके स्टॉफ ने आपका दायरा सीमित कर दिया और वास्तविक जनता की आवाज आप तक पहुंच नही पा रही, कही ये अधिकारी कमलनाथ कि 15 अगस्त यानि भविष्यवाणी चरितार्थ न कर दे। यह अफसर कही आपकी और आपके सरकार के लिए हानिकारक न साबित हो।इसका एक उदाहरण मैं देती हूँ राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दे पर केन्द्रित और पत्रकारिता के कार्य हेतु मैंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मुलाकात के लिए सीएम के अतिरिक्त सचिव से समय मांगा, मैसेज किया। मैंने लगभग 8-10 बार प्रमोटी आईएएस श्री ओपी श्रीवास्तव को फोन लगाया मैसेज छोडा पर उनका जवाब नही आया ना उन्होंने मेरा फोन उठाया और खुद से बात न करकर उन्होंने किसी स्टॉफ से फोन लगवाकर कहलवा दिया कि वो व्यस्त है एवं सीएम साहब किसी से भी मिलना नही चाहते है। खैर मिलना न मिलना वो मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। ऐसा मेरे साथ शिवराज के मुख्यमंत्री कार्यकाल के करीब 13 वर्षों में पहली बार हुआ उनको जानते हुए मैं कह सकती हूँ कि उन तक बात नहीं पहुंचाई जा रही है। खैर अब यह मुख्यमंत्री के ऊपर है कि क्या उनका कार्यकाल भी कमलनाथ सरकार के दौर की याद दिलवाएगा।
उनकी सरकार में भी ऐसा ही होता था। खासकर मीडिया को तो कमलनाथ के आसपास भटकने नही दिया जाता था। कमलनाथ के करीबी अधिकारियों ने मीडिया के सामने उनकी छवि विलेन की बना दी थी। जिसका नतीजा क्या हुआ आज सबके सामने हैं। यही प्रमोटी आईएएस ओ.पी.श्रीवास्तव कमलनाथ सरकार में जनसंपर्क विभाग में संचालक के पद पर आसीन थे। आखिर में कांग्रेस सरकार ही चली गई और श्रीवास्तव को जनसम्पर्क से हटना पड़ा था। लेकिन आज वही श्रीवास्तव सीएम के खास बनकर दीमक का काम कर रहे हैं।
शिवराज जी अभी समय है, आपको श्रीवास्तव जैसे अधिकारियों से सतर्क रहने की जरूरत है। अभी सरकार नाजुक दौर से गुजर रही है। मीडिया से दूरी बनाकर आप स्थापित नही हो पाएंगे। आप कमलनाथ की राह पर चलकर अपने आपको प्रदर्शित नहीं कर पाएंगे। मीडिया से दूरी का परिणाम आपके सामने है। आवश्यकता है आप अपने स्टॉफ के लोगों को पहचाने। आपकी जानकारी में होना चाहिए कि आपके पीठ-पीछे क्या चल रहा है।
यह बात सच है कि कोरोना के संकटकाल में आप व्यस्त हैं। स्थितियों को सुधारने में दिन रात लगे हुए हैं। इसीलिए आप ध्यान नही दे पा रहे हो। पर अफसरों पर ऑख बंद करके विश्वास करेंगे तो आपकी और सरकार की छवि खराब हो जाएंगी। कम से कम अपने स्टॉफ पर तो नजर रखने की आवश्यकता है।
कृपया कुप-मंडुक होकर अधिकारियों पर निर्भर ना होईयेगा। आज के दौर में जिम्मेदारी काफी बढ़ गई है, कमलनाथ सरकार की तरह आप और सरकार मीडिया से दूरी बनाएंगे तो यह प्रदेश के लिए लाभदायक नही होगा। प्रदेश कि वास्तविक स्थिति से अवगत होना आपके गर्वेनेंस के लिए लाभदायक होगा और मीडिया का काम भी यही है।
पहले ही मीडिया जगत कमलनाथ शासन में काफी त्रस्त हो चुका है। आपसे मीडिया जगत को बहुत उम्मीदें हैं। आपके शासनकाल में सरकार ने मीडिया की और मीडिया ने सरकार की छवि खराब नही होने दी। आशा करती हूँ कि आप मीडिया की गरिमा और गौरव को बनाये रखने में अपना योगदान देंगे।
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