बाबा का दावा.... कानून का उल्लंघन 
नई दिल्ली, एमपी मीडिया पाइंट 

योग गुरु के नाम से ... देश और दुनिया में ख्याति प्राप्त.... बाबा रामदेव... कोरोलिन दवा से कोरोना मरीज... का शत प्रतिशत इलाज करने के.... अपने दावे को लेकर... कानून के शिकंजे में फंसते नजर आ रहे हैं...। ये अलग बात है कि... इसी शिंकजे से गालियाँ निकाल कर... उनके विरोधी अब भी मुँह ताकते रह जाएं....। कानूनन रूप से बाबा द्वारा.... प्रेस कॉंफ़्रेंस के जरिए... कोरोना का रामबाण इलाज.... कोरोलिन से किये जाने के दावे के बाद से विवाद गरमाया है...। दुनिया भर के वैज्ञानिक अभी... कोरोना वायरस के केरेक्टर को समझ कर.... उसकी वेक्सीन की खोज करने में जूटे हैं... और इधर बाबा ने उन सभी वैज्ञानिकों को हैरत में डालते हुए... अचूक औषधि खोज लिए जाने का... न केवल दावा कर दिया... वरन उस दवा को बाजार में लांच भी कर दिया...। बकायदा विज्ञापन जैसी भाषा में... इसकी कीमत का निर्धारण भी हुआ... साथ ही इसकी उपलब्धता को भी सुनिश्चित किया गया....। 
बाबा के दावे के बाद देश का आयुष मंत्रालय.. हरकत में आया और उसने बाबा को नोटिस जारी कर दिया...। साथ ही उत्तराखंड राज्य सरकार के आयुष मंत्रालय से भी सवाल कर... जवाब मांगा गया...। उत्तराखंड से आये जवाब ने... बाबा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं...। उसने कहा है कि विभाग से खाँसी, सर्दी, जुकाम और इम्युनिटि पॉवर... बूस्ट करने की दवा की जानकारी दी जाकर अनुमति ली गई थी...। इधर पतंजलि कंपनी ने नियमों के तहत... दवा बनाने की बात कही है...। 
हालांकि सच यह है कि.... परम्परागत चिकित्सा पद्धति... और एलोपैथी पद्धति की दवाओं के निर्माण.. की अलग अलग प्रक्रिया है... जिसका पालन कराने के लिए अलग अलग कानून भी प्रभाव शील हैं....। 
डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी एक्ट 2005 के तहत ......अगर कोई व्यक्ति गलत दावा करता है तो ....दंडनीय अपराध की श्रेणि में आता है.....। .....जहां तक कोरोनिल दवाई को लेकर दावे की बात है तो वो संबंधित कानूनी प्रावधान का उल्लंघन है.....। ऐसा कानून के जानकार बताते हैं....।  यही DMA कानून  के मुताबिक  एक साल से सात साल तक की .....सजा का प्रावधान है। क्योंकि यह कानून दवा बनाने के लिए .....लाइसेंस देता है, .......दावा करने के लिए अनुमति नहीं देता....। यही बाबा की पतंजलि की खास मुश्किलें हैं.....साथ ही ये वैश्विक महामारी है लिहाजा..... इस मामले में विदेशों में भी मुकदमे दर्ज हो सकते हैं.....। वैसे ही जैसे अमेरिका में चीन के खिलाफ हुए हैं...। 
भारत सरकार के....आयुष मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की खबर के ......आधार पर इस मामले को ......पहले ही संज्ञान में ले लिया है....।  इसके साथ ही.....मंत्रालय ने कंपनी को ......इस संबंध में सूचना देते हुए कहा है कि इस तरह का प्रचार करना कि......इस दवाई से कोरोना का 100 प्रतिशत इलाज होता है........ यह कृत्य ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) कानून 1954 का उल्लंघन है.....। देखना यह दिलचस्प होगा कि.... पतंजलि कंपनी कानून के पेचिदगी में फंसती है.... या किसी अन्य कानूनी सुरंग के सहारे.... बाहर निकल कर सुरक्षित रह पाती है....।
Share To:

Post A Comment: