मेरे महबूब ... कयामत होगी
एक फिल्म आई..... 1964 में... नाम था मिस्टर एक्स इन बॉम्बे.....। इसी फिल्म का एक गाना आज.... संगीत दिवस के अवसर पर... प्रस्तुत कर रहे हैं...। संगीत, गीत और गायन.... की इस त्रिवेणी को फिल्मी दुनिया की कालजयी... रचनाओं में शामिल होने का गौरव प्राप्त है....। गीत के बोल.... मशहूर गीतकार... जो स्थिति परिस्थिति के हिसाब से गीत लिखने... के विशेषज्ञ माने जाते रहे... उनकी कलम से जन्म लेता है.... गीतकार तो आनन्द बख्शी हैं... लेकिन इस गीत को उन्होंने जो बोल दिए हैं.... वह दर्द के हिमालय
की तरह... खड़े हो जाते हैं... श्रोता के मन में.... अपनी पूरी अडिगता के साथ.... कि हटाये नहीं हटते....। गीतकार की... यादगार रचनाओं का जिक्र इस गीत के बिना अधूरा रहेगा....। इस गीत को.... संगीत दिया है... लक्ष्मीकांत- प्यारेलाल की उस जोड़ी ने... जिनके संगीत का डंका... उन दिनों फिल्मी दुनिया के निर्देशकों को अपनी तरफ खींचता रहा... लेकिन श्रोताओं के दिलों पर राज करता रहा..... और उनके संगीतबद्ध किए गीत.... आज भी उसी शिद्दत से गुनगुनाये और गाये जाते हैं... जितने उन दिनों में गाये जाते रहे....। इस गीत के संगीत की खासियत यही है... कि गीतकार के शब्द से उपजे दर्द... की गूँज बन कर.... यह कानों से होते हुए... दिल में उतर जाता है और.... लंबे समय तक होंठो से गुनगुनाहट निकलती रहती है.... मानों दिल में जमा दर्द रिस रिस कर... फिजां में बिखर रहा हो...। इस गाने को गाया है... आभास कुमार गांगुली ने.... जी हाँ वही... जो
किसी सार्वजनिक मंच पर या किसी समारोह में .....अपना कार्यक्रम प्रस्तुत करते तो गर्व के साथ खंडवा का नाम लेते थे.....। जाने माने अभिनेता अशोक कुमार उनके सबसे बड़े भाई थे....और एक भाई अनूप कुमार ....। बचपन से ही मनमौजी स्वभाव के ......इस गायक की पढ़ाई....इन्दौर के एक क्रिश्चियन कॉलेज में हुई....। यानि हरफनमौला किशोर कुमार ने...।
इस गाने को किशोर ने इस कदर डूब के गाया है कि .....ये उनके जीवन का हिस्सा बन गया....। ......इसका पता तब चला जब उनके जीवन से पत्नी मधुबाला गई ......और उसकी तकलीफ सालों तक उनके साथ रही......। यह गाना किशोर दा.... के गाए टॉप टेन... गानों में शुमार है....। इस गाने को फिल्माया भी किशोर कुमार और कुमकुम पर गया है.....।
हमारे लिए इस गाने को लेकर आई हैं.... सीहोर की कोकिल कंठी... गायिका सीमा जोशी....। किशोर दा के गाने का अंदाज.... और सीमा जोशी के गाये गाने अंदाज.... समझ में सुनने के बाद ही आता है... किशोर कुमार ने गाने को डूब कर गाया है.... तो सीमा जोशी का गाया गया... यही गीत... श्रोता को डुबाने में पूरा सक्षम है.... यकीन न हो तो सुन कर देख लीजिये.....।
शैलेश तिबारी, सीहोर

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