लेखिका 

नहीं डरते तूफानों से.... 

हम   नहीं    डरते   हैं   तुफ़ानों   से !
हौसला जो  मिला   है   ख्यालों   से !

फैसला  ग़र  हो  कुछ  भी  करने का, 
मिल   जाते   हैं    ख़ुदा   इरादों   से !

ग़र    इरादा   हो     नेक    बस    मेरा, 
तो      दुआएँ    आती   फ़रिश्तों   से !

ठोकरों    से      कभी    नहीं     डरते, 
हम   न   डरते  कभी    धमाकों    से !

'अनु '  को  रहती  तलाश  मंज़िल  की, 
बस    दुआ    चाहती   हूँ   अपनों  से !
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 स्वाभिमान बोलेगा... 


 ग़लत  कभी भी न  करना कुरान  बोलेगा !
 छुपा के कुछ भी करोगे तो शान  बोलेगा!

 हमेशा  ख़ुद पे भरोसा रखो डरो  मत अब, 
 गुलामी  मत  करो तुम स्वाभिमान बोलेगा!

हमेशा सच और मेहनत से काम करना तुम, 
 चोरी  न  करना  नहीं  तो  ईमान  बोलेगा !

ऐ दोस्त तुम भी लगन से कमाने लग जाओ, 
 धोख़ा  दोगे  कभी   ग़र   बेइमान  बोलेगा!

विजय पाने की चाहत ग़र है तेरे दिल मे तो, 
 तुझे   जहान  तो  क्या  आसमान  बोलेगा!

कि देखकर ये ज़माने की असलियत अब तो, 
 मैं   ही  नहीं  तुझे   सारा   जहान    बोलेगा !

 कहे सभी को ये "अनु " प्यार से रहो तुम सब, 
 आपस   में   मिलके  रहोगे   महान   बोलेगा!

अनुपमा अधिकारी "अनु "किशनगंज (बिहार )

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 परिचय

-अनुपमा अधिकारी , ग्राम व पोस्ट पौआखाली ,प्रखंड -ठाकुर गंज ,जिला -किशनगंज , बिहार की निवासी हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ साथ साहित्य सेवा भी करती हैं। हिंदी ग़ज़ल, मुक्तक और कविता के सृजन मे साहित्यक लगाव है ! आपकी रचनाये विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं। ज्योतिर्गमय अंजुमन नामक साहित्यिक संस्था की सक्रिय सदस्य हैं। आपका एमपी मीडिया पॉइंट पर हार्दिक स्वागत है। 
संपादक
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