मध्य प्रदेश से राजस्थान को जोड़ने वाली सड़क पर खतरनाक हुआ सफर,
उज्जैन से कोटा का सफर जर्जर सड़क के चलते जान हथेली पर रखकर चलने से कम नहीं
गजेन्द्र खंडेलवाल,
एमपी मीडिया पाईंट
मध्यप्रदेश में सड़कों का जाल बिछाकर अपनी वाह वाही लूटने वाली प्रदेश सरकार की हकीकत मध्य प्रदेश से राजस्थान को जोड़ने वाली सड़क की जर्जर स्थिति को देखकर सामने आ रही है। इस सड़क पर सफर करना गंभीर दुर्घटना को न्योता देने जैसा हैं। सड़क की जर्जर स्थिति को देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि प्रदेश सरकार के द्वारा इस सड़क के विकास को लेकर कितने काम किए हैं। हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के उज्जैन से कोटा राजस्थान को जोड़ने वाले सड़क मार्ग की। जहां सफर करना किसी गंभीर दुर्घटना को न्योता देना है। जबकि मध्य प्रदेश से राजस्थान की सीमा को जोड़ने वाली यह सड़क प्रदेश के नए जिले आगर को भी सीधा जोड़ती हैं। सड़क की जर्जर स्थिति को देखकर कहा जा सकता है कि सरकार ने अभी तक केवल मध्यप्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने के जो काम किए थे वह इस सड़क पर अभी तक देखने को नहीं मिले। इसी मार्ग पर पड़ने वाले घोसला गांव में तो सड़क है या नहीं यह भी पता नहीं चल पा रहा। या यूं कहें कि गड्ढों में सड़क या सड़क पर गड्ढे कुछ ऐसा ही नजारा यहां पर दिखाई दे रहा हैं। जबकि राजस्थान की सीमा से प्रतिदिन प्रदेश की सीमा में हजारों वाहन प्रवेश करते हैं। सरकार के द्वारा इस सड़क मार्ग को यातायात का दबाव अधिक होने के बावजूद भी अभी तक फोरलेन सड़क किए जाने के संबंध में कोई प्रस्ताव पास नहीं किया हैं। ऐसी स्थिति में इस बरसात के दौरान सड़क और अधिक जर्जर स्थिति में पहुंचकर यातायात की परेशानियों को बढ़ाएगी।
आखिर क्यों इस हालात में है प्रमुख सड़क
एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश को जोड़ने वाली यह महत्वपूर्ण सड़क आखिर इस हालात में क्यों हैं। इसका जिम्मेदार कौन है और उसका खामियाजा आम जनता को क्यों भुगतना पड़ रहा हैं। जबकि राजस्थान से प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन इसी सड़क मार्ग से हो रहा है। सरकार के द्वारा इस प्रमुख सड़क को लेकर अभी तक कोई महत्वपूर्ण निर्णय क्यों नहीं लिया गया।
उज्जैन से कोटा का सफर जर्जर सड़क के चलते जान हथेली पर रखकर चलने से कम नहीं
गजेन्द्र खंडेलवाल,
एमपी मीडिया पाईंट
मध्यप्रदेश में सड़कों का जाल बिछाकर अपनी वाह वाही लूटने वाली प्रदेश सरकार की हकीकत मध्य प्रदेश से राजस्थान को जोड़ने वाली सड़क की जर्जर स्थिति को देखकर सामने आ रही है। इस सड़क पर सफर करना गंभीर दुर्घटना को न्योता देने जैसा हैं। सड़क की जर्जर स्थिति को देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि प्रदेश सरकार के द्वारा इस सड़क के विकास को लेकर कितने काम किए हैं। हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के उज्जैन से कोटा राजस्थान को जोड़ने वाले सड़क मार्ग की। जहां सफर करना किसी गंभीर दुर्घटना को न्योता देना है। जबकि मध्य प्रदेश से राजस्थान की सीमा को जोड़ने वाली यह सड़क प्रदेश के नए जिले आगर को भी सीधा जोड़ती हैं। सड़क की जर्जर स्थिति को देखकर कहा जा सकता है कि सरकार ने अभी तक केवल मध्यप्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने के जो काम किए थे वह इस सड़क पर अभी तक देखने को नहीं मिले। इसी मार्ग पर पड़ने वाले घोसला गांव में तो सड़क है या नहीं यह भी पता नहीं चल पा रहा। या यूं कहें कि गड्ढों में सड़क या सड़क पर गड्ढे कुछ ऐसा ही नजारा यहां पर दिखाई दे रहा हैं। जबकि राजस्थान की सीमा से प्रतिदिन प्रदेश की सीमा में हजारों वाहन प्रवेश करते हैं। सरकार के द्वारा इस सड़क मार्ग को यातायात का दबाव अधिक होने के बावजूद भी अभी तक फोरलेन सड़क किए जाने के संबंध में कोई प्रस्ताव पास नहीं किया हैं। ऐसी स्थिति में इस बरसात के दौरान सड़क और अधिक जर्जर स्थिति में पहुंचकर यातायात की परेशानियों को बढ़ाएगी।
आखिर क्यों इस हालात में है प्रमुख सड़क
एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश को जोड़ने वाली यह महत्वपूर्ण सड़क आखिर इस हालात में क्यों हैं। इसका जिम्मेदार कौन है और उसका खामियाजा आम जनता को क्यों भुगतना पड़ रहा हैं। जबकि राजस्थान से प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन इसी सड़क मार्ग से हो रहा है। सरकार के द्वारा इस प्रमुख सड़क को लेकर अभी तक कोई महत्वपूर्ण निर्णय क्यों नहीं लिया गया।


Post A Comment: