मुख्यमंत्री के गृह जिले में सड़कों के हाल बेहाल
मध्यप्रदेश के मुखिया शिवराजसिंह चौहान के गृह जिले में सड़कों के आलम बद से बदतर नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के गृहक्षेत्र की सड़कों के आलम यह है यह तस्वीरें बयां कर रही हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात तो यह है कि सड़कें गड्ढों में तब्दील है। रोड पूरी तरह टूट चुका जिसमें लगातार हादसे हो रहे हैं। इसके बाद भी सीएम का गृह जिले में टोल वसूला जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री के गृह जिले में रेत का कारोबार जोरों शोरों पर है आलम यह है कि यहां सड़क से हजारों डंपर प्रतिदिन गुजरते हैं।
वह भी ओवरलोड, इन ओवरलोड डंपर की वजह से सड़कों की हालत बहुत ही खतरनाक हो चुकी है। वही लगातार खबरों के बाद भी ना ही शासन जागा और ना ही प्रशासन जागा और सड़कों की हालत दिनोंदिन बद से बदतर होती जा रही है। जिससे सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है।
सीहोर-इछावर-नसरुल्लागंज हाईवे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है।लेकिन इस तरफ प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है इसमें कई बार हादसे भी हो चुके हैं।
वाहन चालक सूरज कुमार, दशरथसिंह चौहान, विजेंद्र सिंह राजन वर्मा आदि ने बताया कि नसरुल्लागंज सीहोर रोड पूरी तरह उखड़ हो चुका है। इस संबंध में कई बार हम इंजीनियर से लगाकर संबंधित रोड के कर्मचारियों को अवगत करा चुके हैं इसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है कोई सुनवाई नहीं हो रही है ऐसा लग रहा है कि बड़े हादसे का इंतजार है। शासन को चाहिए कि हाईवे को तुरंत दुरुस्त कराए वर्ना वाहनों से टोल-टैक्स लेना बंद करवाए।
हाईवे से अलग हटकर बात की जाए तो अंदर ग्रामीणों क्षेत्रों को तहसील तथा जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़कें भी जीर्ण-क्षीर्ण अवस्था मे पहुंच गई हैं। पिछले एक दशक से भाऊँखेड़ी-अमलाह रोड मुसाफ़िरों का मूंह चिड़ा रही है। इस रोड का जीर्णोद्धार न तो भाजपा शासनकाल मे हुआ और न ही कांग्रेस शासनकाल मे हो पाया। इस रोड की दुर्दशा के पीछे भी रेत के डम्पर हैं जिन्होंने वर्षों पूर्व इसे अधमरा करके छोड़ दिया था। चेकिंग से बचने और टोल टेक्स नहीं चुकाने की नीयत से डम्पर वाले प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से बनी रोडों का दुरुपयोग करते हैं लिहाजा अच्छी-खासी सड़क एक-डेढ़ वर्ष मे ही गड्ढों मे तब्दील हो जाती है। इछावर नगर के अंदर नादान रोड जोकि थाना,तहसील,मंडी,कालेज,बैंकों आदि के सामने से गुजरती है वह इन सरकारी दफतरों के सामने ही अंतिम सांसे गिन रही है लेकिन शासन की लचरता फिर भी कुछ नहीं कर पा रही।
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क्या कहते हैं अधिकारी-
संबंधित विभाग को अवगत कराया जाएगा रोड वाली समस्या पर जल्द ही समस्या का निराकरण किया जाएगा
बृजेश सक्सेना
एसडीएम, इछावर
शिवराज सिंह राजपूत, इछावर एमपी मीडिया पाइंट
क्षेत्र की खस्ताहाल सड़कों ने एक बार फिर कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के 20 वर्ष पुराने कार्यकाल की याद ताजा़ कर दी है। सीहोर जिले के इछावर तहसील मे अब 15-20 प्रतिशत सड़कें ही साबुत बची हैं वर्ना सभी सड़कों से वाहन धूल उड़ाते गुजर रहे हैं सरकार के संबंधित विभागों का जरा भी इस तरफ ध्यान नहीं देना, शासकीय कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिंह लगा रहा है।
वह भी ओवरलोड, इन ओवरलोड डंपर की वजह से सड़कों की हालत बहुत ही खतरनाक हो चुकी है। वही लगातार खबरों के बाद भी ना ही शासन जागा और ना ही प्रशासन जागा और सड़कों की हालत दिनोंदिन बद से बदतर होती जा रही है। जिससे सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है।
सीहोर-इछावर-नसरुल्लागंज हाईवे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है।लेकिन इस तरफ प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है इसमें कई बार हादसे भी हो चुके हैं।
हाईवे से अलग हटकर बात की जाए तो अंदर ग्रामीणों क्षेत्रों को तहसील तथा जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़कें भी जीर्ण-क्षीर्ण अवस्था मे पहुंच गई हैं। पिछले एक दशक से भाऊँखेड़ी-अमलाह रोड मुसाफ़िरों का मूंह चिड़ा रही है। इस रोड का जीर्णोद्धार न तो भाजपा शासनकाल मे हुआ और न ही कांग्रेस शासनकाल मे हो पाया। इस रोड की दुर्दशा के पीछे भी रेत के डम्पर हैं जिन्होंने वर्षों पूर्व इसे अधमरा करके छोड़ दिया था। चेकिंग से बचने और टोल टेक्स नहीं चुकाने की नीयत से डम्पर वाले प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से बनी रोडों का दुरुपयोग करते हैं लिहाजा अच्छी-खासी सड़क एक-डेढ़ वर्ष मे ही गड्ढों मे तब्दील हो जाती है। इछावर नगर के अंदर नादान रोड जोकि थाना,तहसील,मंडी,कालेज,बैंकों आदि के सामने से गुजरती है वह इन सरकारी दफतरों के सामने ही अंतिम सांसे गिन रही है लेकिन शासन की लचरता फिर भी कुछ नहीं कर पा रही।
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क्या कहते हैं अधिकारी-
संबंधित विभाग को अवगत कराया जाएगा रोड वाली समस्या पर जल्द ही समस्या का निराकरण किया जाएगा
बृजेश सक्सेना
एसडीएम, इछावर


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