सीहोर, एमपी मीडिया पाइंट
गुरूवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे अखिल भारतीय किसानसभा राज्य परिषद के प्रातींय महासचिव प्रहलाद दास बैरागी ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देते हुए डिप्टी कलेक्टर प्रगति वर्मा से कहा की कॉर्पोरेट घरानों और नेताओं के गुर्गो ने देश की 73 प्रतिशत दौलत को हड़प लिया है और देश के किसानों की ज्वलंत समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है। किसान की फसल घटिया कीटनाशकों और प्राकृतिक आपदाओं से खराब हो रहीं हैं , किसान आत्महत्या कर रहा है लेकिन सरकार कुछ सुनने करने को तैयार नहीं है।बैरागी ने कहा गया है कि अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय आव्हान पर आज पूरे देश में जिला मुख्यालयों पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिए गए है।
भारत एक दशक से अभूतपूर्व मंदी का सामना कर रहा है यदि कापोरेट को एक तरफ छोड़ दें तो कुल एसएमएसएई यहा तक कि बड़े उद्योग सेवा क्षेत्र भी सरकार की कारपोरेट और राजनैतिक कार्पोरेट परस्त नीतियों से किसान जगत को भारी नुकसान हो रहा है।
देश की आबादी का 68 प्रतिशत और कार्य शक्ति का 52 प्रतिशत निर्भरकर्ता है जिसका नतीजा देश की 73 प्रतिशत दौलत कापोरेट ओर उनके राजनैतिक गुर्गों की महज एक प्रतिशत आबादी ने हड़प ली है। दूसरे छोर पर देश की 99 प्रतिशत आबादी देश की 23 प्रतिशत संपदा से ही अपनी जरूरत पूरी कर रही है। सामाजिक सुरक्षा और स्वस्थ शिक्षा आदि सेवाऐ गंभीर रूप से खतरे में है।
ज्ञापन मे कहा गया है कि, किसान हित में आपतिजनक कृषि विरोधी तोनों अध्यादेश वापस लिए जाए। कोविड 19 से पीडि़त लोगो को प्रतिमाह 7500 रू छह माह तक एवं प्रति एक परिवार को छह माहिर तक 10 किलो आनाज प्रत्येक प्रति व्यक्ति को मुहैया कराया जाए। मनरेगा मे सभी ग्रामीण मजदूर परिवार को 200 दिन काम ओर 600 रू प्रतिदिन वेतन दिया जाए। काम नहीं होने पर बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। बडे हुए पेट्रोल डीजल और अन्य लागत वाली चीजो के बड़े दाम वापस किए जाए। ' आवक शाखा मय कमेक्ट्रेट सीजे 5 सर्वजनिक खाद्य सुरक्षा जन वितरण प्रणाली लागू की जाए। किसानो के समस्त कर्ज माफ किए जाए। किसानो को 10000 रू मासिक पेंशन दी जाए। आदि मांगे पूरी कीि जाए। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष भानू प्रताप मेवाड़ा सहित अनेक किसान शामिल रहे।


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