शादी के पांच साल बाद मां बनी बरखा तो खुशबू मिली इतनी, के मधुबन मे न समाए.....
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सुधीर कुमार डेहरिया नें बताया कि श्रीमती बरखा पति आनंद कौशल उम्र 24 वर्ष को विवाह के 5 साल हो चुके थे लेकिन उसे कोई संतान नहीं थी। बरखा की सास अपने बडे़ बेटे के बच्चे को टीका लगवाने आंगनतबाड़ी केंद्र क्रमांक-89 वार्ड नंबर 20 सीहोर में लेकर पहुंची,जहां उसने अपनी बहु और बेटे की व्यथा आशा कार्यकर्ता श्रीमती भारती राठौर को बताई। तब आशा कार्यकर्ता ने रौशनी क्लिनिक के बारे में महिला की सास को विस्तार से बताया कि जिला चिकित्सालय स्थित रौशनी क्लिनिक में प्रत्येक बुधवार नि:शुल्क उपचार होता हैं। कईयों के जीवन का अंधेरा रौशनी मे तब्दील हो चुका है आप भी वहां से उपचार लाभ दिलवा सकती हैं।
उक्त सलाह सटीक बैठी और अब उनके घर-आंगन मे किलकारी गूंज रही है और पूरा परिवार अवर्णित खुशियों से सराबोर है।
रौशनी क्लिनिक से गुंजी घर में किलकारियां
सीहोर 01 सितंबर,2020
एमपी मीडिया पाइंट
(गुड न्यूज़)
जिला चिकित्सालय में प्रत्येक बुधवार को संचालित रौशनी क्लिनिक में निःशुल्क उपचार के उपरांत एक महिला को वो तमाम खुशियां मिल गई जिसकी उसे बरसों से तलाश थी। रौशनी क्लिनिक से उसकी उम्मीद जागी और उसकी सुनी गोद भर गई। रौशनी क्लिनिक में निःशुल्क उपचार के बाद उसने स्वास्थ्य बालक को जन्म दिया, जिससे उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बच्चें की किलकारियों ने घर मे रौनक ला दी।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सुधीर कुमार डेहरिया नें बताया कि श्रीमती बरखा पति आनंद कौशल उम्र 24 वर्ष को विवाह के 5 साल हो चुके थे लेकिन उसे कोई संतान नहीं थी। बरखा की सास अपने बडे़ बेटे के बच्चे को टीका लगवाने आंगनतबाड़ी केंद्र क्रमांक-89 वार्ड नंबर 20 सीहोर में लेकर पहुंची,जहां उसने अपनी बहु और बेटे की व्यथा आशा कार्यकर्ता श्रीमती भारती राठौर को बताई। तब आशा कार्यकर्ता ने रौशनी क्लिनिक के बारे में महिला की सास को विस्तार से बताया कि जिला चिकित्सालय स्थित रौशनी क्लिनिक में प्रत्येक बुधवार नि:शुल्क उपचार होता हैं। कईयों के जीवन का अंधेरा रौशनी मे तब्दील हो चुका है आप भी वहां से उपचार लाभ दिलवा सकती हैं।
उक्त सलाह सटीक बैठी और अब उनके घर-आंगन मे किलकारी गूंज रही है और पूरा परिवार अवर्णित खुशियों से सराबोर है।


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