हिसार,14 सितंबर एमपी मीडिया पाइंट 


14 सितंबर 2020 को जनवादी लेखक संघ हिसार की ओर से काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया यह काव्य गोष्ठी हिंदी दिवस के उपलक्ष में आयोजित की गई। इस काव्य गोष्ठी में इरफान खान ,ऋषि कपूर, सुशांत शर्मा ,राहत इंदौरी व स्वामी अग्निवेश राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को 2 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

 काव्य गोष्ठी कार्यक्रम  की अध्यक्षता जय भगवान लाडवाल व मंच संचालन खान मनजीत भावडिया मजीद ने किया वही मुख्य वक्ता के रूप में ऋषिकेश राजली और मास्टर सतीश ने शिरकत की ।
काव्य गोष्ठी की शुरुआत मास्टर कृष्ण कुमार इंदौरा ने की और अपने चिर परिचित अंदाज में कहा की क्या लिखूं कैसे लिखूं क्यों लिखूं किसको कितना होश है, यह दुनिया कितनी खामोश है 

अगले कवि जय भगवान यादव ने अपनी कविता को कुछ इस तरह बयां किया कि हिंदी हमारी राजभाषा मूल्क है हिंदुस्तान, हिंदी भाषा अपने देश की शान अगले कवि ऋषिकेश राजली ने अपने मुखारविंद से कुछ यूं बयां किया जलती है आग जल रही है कुछ कह रही है । 

मास्टर सतीश ने कोरोना महामारी के ऊपर हरियाणवी रागनी सुना कर सबका मन मोह लिया और मंजू अग्रोहा मैं भी पुराना महामारी के ऊपर जो मजदूरों पर समय बीता है उसने अपनी कलम के माध्यम से शब्दों में पिरोया है अगले कवि श्रद्धानंद राजली ने कहा कि माथे की सलवटे बोलती है कुछ राज छुपाने में क्या रखा है इतनी सुंदर अभिव्यक्ति  की। 
खान मनजीत भावड़िया मजीद ने अपने भाव कुछ इस तरह रखे कि हिंदी सै पहचान म्हारे देश की, आम जुबां सै महारे देश की । 
कवि जय भगवान लाडवाल ने अपने भाव कुछ इस तरह व्यक्त किए की हिंदी की किसने परवाह है यह तो एक अंग्रेजी साल का 1 सप्ताह गुजार देते हैं.. कहते हुए उन्होंने हिंदी के दर्द का भाव अपनी कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया 
काव्य गोष्ठी में जय भगवान लाडवाल मास्टर कृष्ण कुमार इंदौरा, खान मनजीत भावड़िया मजीद, ऋषिकेश राजली, श्रद्धानंद राजली, मास्टर सतीश, मास्टर जय भगवान यादव, मंजू अग्रोहा आदि मौजूद रहे ।
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