सड़क मे गड्ढे या गड्ढों मे सड़क!!
बहुचर्चित भाऊँखेड़ी-अमलाहा मार्ग का कब होगा उद्धार!
इस मामले मे भाजपा-कांग्रेस दोनों के ही कार्यकाल फेल
-----------------------------
राजेश बनासिया, भाऊँखेड़ी 17 अक्टूबर 2019, एमपी मीडिया पाइंट
इछावर को भाऊँखेड़ी होते हुए नेशनल हाइवे से जोड़ने वाला मार्ग पिछले एक दशक से दुर्दशा का शिकार है। खासतौर पर भाऊँखेड़ी से अमलाहा तक का 15 किलोमीटर मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है जिसे बनवाने के लिए ग्रामीण एड़ी-चोटी तक का जोर लगा चुके हैं। चाहे भाजपा का शासनकाल हो या अब कांग्रेस का दोनों ही काल भोऊँखेड़ी-अमलाहा को काल के गाल मे समाने से नहीं रोक पाए।
अब स्थिति यह है कि पता ही नहीं चलता कि गड्ढों मे रोड है या रोड मे गड्ढे! एकबार जो सफर के लिए वाहन लेकर इस रोड पर फंस जाता है तो वह कसम खाकर ही निकलता है कि चाहे कितना ही घूमकर लम्बा सफर तय करना पड़े दूसरी बार इस रोड पर कदम नहीं रखेंगे। लेकिन भाऊँखेड़ी,नरसिंहखेड़ा,दुर्गपुरा,मोहमपुर लेंडी,धामंदा,गोलूखेड़ी,लसूड़ियाराम,जमोनिया हटसिंह के ग्रामीणों के हजारों ग्रामीणों के लिए तो इस मार्ग के अलावा कई दूसरा विकल्प ही नहीं। वह इस मार्ग से गुजरने के लिए मोहताज हैं और अपनी जान जोखिम मे डालकर जिंदगी का सफर तय कर रहे हैं। ग्रामीण बताते हैं कि गड्ढों के कारण उनके वाहनों की लाइफ आधी रह गई है।
इछावर तहसील मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर भाऊंखेड़ी गाँव की आबादी सात हजार हैं ब्लाक की 70 पंचायतों में भाऊंखेड़ी सबसे बड़ी ग्राम पंचायत मे आती है भाऊंखेड़ी जितनी बड़ी ग्राम पंचायत है विकास के नाम पर उतनी ही पिछड़ी हुई हैं ग्राम के मुख्य मार्ग पर बारामासी कीचड़ रहता है रोड़ के दोनों ओर नालियों का निर्माण नही होने से घरों से निकलने वाला गंदा पानी रोड़ पर जमा हो जाता है जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों सहित बुजुर्ग लोगो को इस समस्या से अच्छा खासा सामना करना पड़ रहा है रोड पर जमा पानी मे हर रोज स्कूल जाने वाले बच्चे गिरते रहते है। भाऊंखेड़ी गांव की बुनियादी सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों ने कई बार अफसरों व नेताओ से भी शिकायतें की मगर वर्षो से समस्या ज्यो की त्यों नजर आ रही है। मगर किसी ने भी इस गांव के विकास पर ध्यान देना मुनासिब न समझा।
भाऊंखेड़ी जोड़ से अमलाहा पहुंच मार्ग की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है और यह गाँव का मुख्य मार्ग है ग्राम पंचायत को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली इस सड़क की हालत भी बड़ी दयनीय स्थिति में है सड़क में गहरे गहरे गड्ढे है 15 किलोमीटर की दूरी को तय करने में 2 घंटे से ज्यादा समय लग जाता है ग्रामीण इस सड़क को दुरस्त करने की कई अर्से से माँग कर रहे है व इस जर्जर रोड़ को सही कराने के लिए पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने रोड़ पर नाव चलाकर पूर्व भाजपा सरकार का ध्यान आकर्षित किया था।लेकिन कोई सुनवाई नही हुई,जर्जर सड़क के साथ ग्राम में साफ सफाई की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
--------------------------



Post A Comment: