बारहखंबा में लगने वाले मेले के संबंध में व्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर ने दिए निर्देश,
दीपावली के दूसरे दिन इछावर से 15 किमी दूर देवपुरा मे भराता है पुरातकालीन बाराहखंबा मेला,
लाखों लोग करते हैं मेले मे शिरकत,
प्रदेश का सबसे बड़े एक दिवसीय मेले मे शुमार है बारहखंबा मेला।

मेले मे पहुंचने के सभी मार्ग खस्ताहाल,

कैसे सुधरेंगे 10 दिन के भीतर हालात!!

इछावर,  17  अक्टूबरव2019                       एमपी मीडिया पाइंट
   
दीपावली पर्व के दूसरे दिन 28 अक्टूबर को बारहखंबा (देवपुरा) इछावर में आयोजित होने वाले मेले के संबंध में कलेक्टर अजय गुप्ता एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समीर यादव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन विभाग, पी.डब्ल्यू.डी., पी.एच.ई. शिक्षा विभाग, तहसील कार्यालय के अधिकारी एवं सभी विकास खंड स्तरीय अधिकारी तथा मेला समिति के सदस्य उपस्थित थे।

     बैठक के दौरान कलेक्टर श्री गुप्ता द्वारा श्रद्धालुओं द्वारा दूध चढ़ाने से फिसलन बढ़ने के लिए मंदिर परिसर में कारपेट एवं दोनो तरफ कनाती और फर्श पर चटाई या कारपेट बिछाने के निर्देश मेला समिति को दिए गए। विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि मेला परिसर में विद्युत व्यवस्था एक दो दिन पूर्व कर ली जाएं तथा दोनों ट्रांसफार्मरों को समय से पूर्व चालू कर करवाया जाए। डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था जीवन रक्षक औषधियों की व्यवस्था का दायित्व बीएमओ इछावर को सौंपा गया है। मेडिकल कैंप प्राथमिक शाला भवन देवपुरा में लगाया जाए। जिसमें साफ-सफाई, पेयजल, टायलेट आदि की व्यवस्था शिक्षा विभाग द्वारा की जाएगी। मौके पर एंबुलेंस की व्यवस्था आवश्यक रूप से रखी जाए। मेला परिसर में दक्षिण पश्चिम में दा कुएं है जिनमें पानी काफी मात्रा है जिस दिन मेला लगता है उस दिन अधिक श्रद्धालु आने के कारण किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित न हो इसके लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत इछावर को कुओं को लाहा जाली द्वारा ढंकवाने के लिए निर्देशित किया गया।
     कलेक्टर श्री गुप्ता द्वारा महाप्रबंध्क प्रधानमंत्री सड़क को निर्देश दिए गए कि इछावर से दीवड़िया रोड़ की दूरी 2-3 किमी काफी खराब हालत में है उसमें पैंचिंग आदि की कार्यवाही की जाए। समस्त व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण कराये जाने एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं अन्य समुचित कर्मचारियों की ड्यूटी अनुविभागीय अधिकारी/दण्डाधिकारी इछावर को सौंपा गया है। 

गौरतलब है कि बाराहखंबा मेले के सभी पहुंच मार्ग वर्तमान मे क्षतिग्रस्त हैं एेसे मे लाखों लोगों को इस वर्ष भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा। मेला राज्य स्तरीय है जिसे प्रशासन अभी हल्के मे ले रहा है। 10 दिन के अंदर पहुंच मार्गों का का कैसे उद्धार हो सकेगा फिलहाल यह बड़ा सवाल है। उक्त मेला मप्र का सबसे बड़ा एक दिवसीय मेला है जिसमें लाखों पशपालक अपने दुधारू पशुओं का दूध चढ़ाकर उनके सलामती की दुआ मांगते हैं।

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