भोपाल 12 दिसंबर, 2019                      
एमपी मीडिया पाइंट
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जिले कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि खाद वितरण के काम को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। खाद की  पर्याप्त उपलब्धता का ध्यान रखें और कालाबाजारी न हो, यह सुनिश्चित करें। निजी खाद विक्रेताओं द्वारा किसानों को महंगी दर पर खाद विक्रय न हो, इसकी भी निगरानी की जाए। उन्होनें कहा कि मिलावटी खाद बाजार में नहीं बिकना चाहिए। यह सुनिश्चित करें कि खाद को लेकर कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि धान की खरीदी के लिए सभी इंतजाम पुख्ता रखे जाएं। समय पर सही तरीके से धान की खरीदी प्रक्रिया शुरू करें। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में बारदानों की उपलब्धता बनाए रखने और किसानों को उनकी उपज का भुगतान भी समय पर करने को कहा।  

     
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में सड़कों की मरम्मत का कार्य व्यापक पैमाने में किया जा रहा है। उन्होंने कलेक्टर से कहा कि सड़कें गुणवत्तापूर्ण बनें, इस पर निगाह रखें। उन्होंने कहा कि ऐसी सड़कों की सूची भी तैयार की जाए, जहां मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ है और उनके न बनने से जनता को परेशानी हो रही है। इसी माह वन अधिकार प्रकरणों का निराकरण पूरा करें वन अधिकार पट्टों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पात्र लोगों को पट्टे मिलें यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गरीब आदिवासियों से जुड़े इस मुद्दे पर किसी भी तरह की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। सिर्फ शिकायतें एकत्र न करें, उनका समाधान भी करें
      
मुख्यमंत्री ने आपकी सरकार - आपके द्वार कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से चलाया जाए। उन्होंने कहा कि कई जगहों से गंभीरता से यह कार्यक्रम न चलने की शिकायतें मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी सरकार - आपके द्वार  कार्यक्रम का लक्ष्य जनता की समस्याओं का मौके पर निराकरण करना है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शिकायत एकत्र करने वाला नहीं बल्कि लोगों की समस्याओं का समाधान करने वाला कार्यक्रम है। इस मानसिकता के साथ सभी मैदानी अधिकारियों को काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को ग्राम युवा शक्ति समिति का गठन और किसान बंधु की नियुक्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने शिकायतों के निराकरण के बगैर उन्हें नस्तीबद्ध करने की प्रवृत्ति को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यह संस्कृति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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