मानवीय मूल्यों के संरक्षण के साथ कर्तव्यों का संरक्षण जरुरी- प्रो शर्मा

इछावर 13 दिसंबर, 2019 एमपी मीडिया पाइंट
वर्तमान समय मे मानवीय मूल्यों के संरक्षण के साथ कर्तव्यों को रक्षित करना भी जरुरी है। मानव अधिकार संरक्षण को लेकर हमारे देश की कार्यपालिका व न्याय पालिका पिछले कई वर्षों से अभियान चलाए हुए है ऐसे मे जरुरी है कि युवाशक्ति अपने कर्तव्यों का इस दिशा मे निर्वहन करे।उक्त बात प्रो विनीत शर्मा ने कही, वह इछावर के शा कालेज मे आयोजित 'मानव अधिकार संरक्षण और व्यक्तित्व विकास' विषय पर आयोजित कार्यशाला मे मुख्यवक्ता के रुप मे बोल रहे थे।
शर्मा ने कहा कि आज विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाती है लेकिन अब जरुरी है कि मानवीय मूल्यों पर आधारित पर्यावरण और उससे संबद्ध स्वास्थ्य विषय पर भी खुलकर बहस छिड़े क्योंकि यह विषय केवल भारत का ही नहीं अपितु अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है।
हमारी, खासकर युवाओं की इस विषय मे जागरुकता एक नया इतिहास कायम कर सकती है। मानव अधिकार सरंक्षण व पर्यावरण के संबंध मे व्यक्ति के कर्तव्यों का मिश्रण बेहद आवश्यक हो गया है। प्रो शर्मा ने मानवीय मूल्यों पर संरक्षण व स्वास्थ्य भागीदारी से संबद्ध सर्वांगीण विकास पर विस्तार से विचार व्यक्त किए।कार्यशाला मे प्रो एससी राठौर ने मानव अधिकार अधिनियम 1993 प्रावधानों पर खुलकर चर्चा करते कहा कि भारत मे मानव अधिकार आयोग ने वह सब कुछ सौंप दिया जो एक स्वतंत्र राष्ट्र की पहचान के लिए आवश्यक होता है। हमे अपने अधिकारों को जानना बेहद आवश्यक है। अधिकार के सांथ कर्तव्यों का पालन श्रेष्ठ नागरिक की पहचान है। प्रो आरबी मरकान ने भी कार्यशाला के दौरान संबंधित विषय पर अपने विचार विस्तार से व्यक्त किए। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं सहित कालेज का समूचा स्टाफ मौजूद रहा।



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