"लाली की ओढ़नी......."
***************


                         लेखिका                         

वो बचपन से ओढ़नी

सीने से लगाये फिरती थी,
माँ कहतीं ये औरत की लाज है
दादी कहतीं थोड़ा नीचे सरका के ओढ़ो,
पाँच बरस की लाली कुछ न समझती
उछलती कूदती उड़ती फिरती
हवाओं संग बात करती
आसमान में ओढ़नी लहराती।

दिन बीते, साल बीते
पाँच बरस की लाली
पंद्रह की हो गयी,
ओढ़नी थोड़ी बड़ी हो गयी,
लाली अब खुद
सीने पर ओढ़नी सरकाने लगी
लाज शर्म से मुँह छुपाने लगी,
घूरती आँखों को देख
सिमटने लगी।

कुछ दिन बीते
घर में शहनाई की आवाज़
गूँजने लगी, विदाई हुई
नई गोटे लगी ओढ़नी पा
खुशी से झूम उठी लाली,
नहीं जानती थी
ये गोटे लगी ओढ़नी में
उसका जीवन गोते लगायेगा,
लाली ओढ़नी में माँ की सीख भर
पहुँच गयी ससुराल,
सीने से लहराती ओढ़नी
अब सर पर भी आ गयी,
सास कहतीं, सर खुला नहीं छोड़ना
ससुर नंगा सर देख गुस्से से घूरते,
सर से गिरती, सरकती 
ओढ़नी संभालते-संभालते
वो चार बच्चों की माँ बन गयी।

ओढ़नी पुरानी हो गयी
पति की ओर देखती
नई ओढ़नी की बात कहती
वो अनदेखा करते,
पति से उपेक्षित हो
सास-ससुर के ताने सहती
पीहर से पराई हो
लाली को वही ओढ़नी
अपनी सी लगती,
ओढ़नी लपेटे मुस्कुराती हुई 
कोल्हू के बैल सी रात-दिन
परिवार के लिए खटती
अपने खाली बटुए 
को बार-बार
खोलती और बंद करती।

समय बीता
बेटी ब्याही, बहू घर आई
जीन्स, गाउन से घर में
नई रुत आई
पर लाली की ओढ़नी
तब भी सर से सीने तक ही लहराई।
दादी बनी, नानी बनी
लाली धीरे-धीरे बीमार हो चली,
लाली की जर्जर काया पर
ओढ़नी लटकती नज़र आती,
पुरानी पड़ी ओढ़नी के छेद से
तन की झुर्रियाँ नज़र आतीं,
गृहस्थी के बोझ से दबी लाली
शायद उम्र से पहली ही 
बूढ़ी हो चली थी।

आज लाली नहीं रही
बरसों बाद सुकून से सोई थी
चेहरे पर पीड़ा भरी मुस्कान थी
बंद पलकों में
अपनों के स्वप्न सजाये
मीठी नींद की आगोश में थी,
लाली आज खुश थी, संतुष्ट थी
जीवन रहते जिस आस में 
वो बटुआ खोलती थी
आज वो तमन्ना पूरी हुई थी
पति ने नई ओढ़नी जो ओढ़ाई थी
हाँ, पति ने नई ओढ़नी जो ओढ़ाई थी।


©️ "नीरजा मेहता"

--------------------------

परिचय

नीरजा मेहता उच्च शिक्षित सेवा निवृत शिक्षिका हैं। आपकी साहित्य सेवा निरंतर जारी है। काव्य मंजरी समूह की संस्थापिका हैं। साहित्य के क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहती हैं। आपका एमपी मीडिया पॉइंट पर स्वागत है।

संपादक- शैलेश तिवारी
Share To:

Post A Comment: