लेखिका
अज़ीब कशमकश मची चहुँओर
भयभीत विकल मानव पुरजोर ।
क्यों कर ऐसी आफत आई
सकल विश्व धरा अकुलाई ।
अनदेखी सिसकी कहे पूकार
ओ विकास क्यों हुए लाचार।
मानव अब मानव से भयभीत
कैसी यह उड़ान और कैसी प्रीत ।
जगत नापने निकला बामन
विकल हो उठा अब क्यों जन-जन।
क्यों कर ऐसी लिप्सा ली अँगराई
ये कैसी बेचैनी फिज़ाओं में समाई।
कोई तो बताओ ओ मानव मेरे भाई
क्यों प्रकृति महाविनास से अकुलाई ?
रोज आँकड़े बढ़ते जाते
हम विमुढ कुछ कर नहीं पाते।
काश समझ आ जाये यह बात
कैसे मिली महामारी की सौगात ।
वसुधैव कुटुम्बकम की चाह जगाये
सकल विश्व में महामारी फैलाये।
गंगा-यमुना अब निर्मल होने लगी
रोक लो मानव प्रकृति से दिल्लगी।
दुर्दिन का आगा़ज हो रहा
अब क्यों मानव विकल हो रहा ।
अतृप्त लालसा क्यों कर आई
अब पछताये होत क्या भाई ?
लघुत्तम महत्तम...लघुकथा संकलन .नयी सदी की लघुकथाएं..एवं कारवां संकलन आदि प्रकाशित हो चुके हैं एवं इन्नर नामक पुस्तक प्रकाशाधीन है। अनेक साहित्य सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। आपका एम पी मीडिया पॉइंट पर स्वागत है।
संपादक
भय के साये
अज़ीब कशमकश मची चहुँओर
भयभीत विकल मानव पुरजोर ।
क्यों कर ऐसी आफत आई
सकल विश्व धरा अकुलाई ।
अनदेखी सिसकी कहे पूकार
ओ विकास क्यों हुए लाचार।
मानव अब मानव से भयभीत
कैसी यह उड़ान और कैसी प्रीत ।
जगत नापने निकला बामन
विकल हो उठा अब क्यों जन-जन।
क्यों कर ऐसी लिप्सा ली अँगराई
ये कैसी बेचैनी फिज़ाओं में समाई।
कोई तो बताओ ओ मानव मेरे भाई
क्यों प्रकृति महाविनास से अकुलाई ?
रोज आँकड़े बढ़ते जाते
हम विमुढ कुछ कर नहीं पाते।
काश समझ आ जाये यह बात
कैसे मिली महामारी की सौगात ।
वसुधैव कुटुम्बकम की चाह जगाये
सकल विश्व में महामारी फैलाये।
गंगा-यमुना अब निर्मल होने लगी
रोक लो मानव प्रकृति से दिल्लगी।
दुर्दिन का आगा़ज हो रहा
अब क्यों मानव विकल हो रहा ।
अतृप्त लालसा क्यों कर आई
अब पछताये होत क्या भाई ?
आरती रॉयमनीला, फिलीपींस
-------------परिचय
आरती राय कृष्णा पूरी बरहेता रोड ,लहेरियासराय जेल के पास दरभंगा बिहार की निवासी है। वर्तमान में अप्रवासी भारतीय के रूप में मनीला, फिलिपींस में हैं। गृहणी होने के साथ साहित्य सृजन का समय निकाल लेती हैं। लघुकथा, कहानियाँ ,कवितायें आदि विधा में लेखन करती हैं।लघुत्तम महत्तम...लघुकथा संकलन .नयी सदी की लघुकथाएं..एवं कारवां संकलन आदि प्रकाशित हो चुके हैं एवं इन्नर नामक पुस्तक प्रकाशाधीन है। अनेक साहित्य सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। आपका एम पी मीडिया पॉइंट पर स्वागत है।
संपादक


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