पटना। कोरोना के दौर में भी शादियां थम नहीं रही हैं, जब तक लॉकडाउन चला तब तक एक दो शादियों की ख़बरें ही सुनने को मिलती थीं. वो भी ऑनलाइन शादियां होती थीं.
लेकिन अनलॉक-1 के बाद 8 जून से 50 मेहमानों समेत शादियों के आयोजन की अनुमित दे दी गई. फिर क्या था छुप-छुपाकर ही सही लेकिन कई जगहों पर शादियां पहले की तरह होने लगीं.
पूछने पर शादी के आयोजक तो यही दावा करते हैं कि उन्होंने 50 से भी कम लोगों को आमंत्रित किया था. पटना में भी इसी तरह की एक शादी आजकल सुर्ख़ियों में है.
पटना के पालीगंज में हुई एक शादी समारोह ने इन आयोजनों पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है.
पटना से छपने वाले स्थानीय अख़बारों में मंगलवार को एक शादी की ख़बर सुर्ख़ियों में रही.
अख़बारों के मुताबिक़ इस आयोजन से जुड़े 111 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं वहीं दूल्हे की दो दिनों बाद ही मौत हो गई.
संक्रमित पाए गए सभी लोगों का संबंध या तो उसी मोहल्ले से है जिसमें शादी हुई थी या फिर वे शादी समारोह का हिस्सा थे.
पालीगंज की इसी शादी के कारण संक्रमित होने वाले एक व्यक्ति को बिहटा के ईएसआईसी अस्पताल स्थित आईसोलेशन सेंटर में रखा गया है.
उन्होंने बीबीसी से फ़ोन पर बातचीत के दौरान कहा, "मेरा उस शादी से कोई वास्ता नहीं था, यहां तक कि मैं उस समारोह में शामिल भी नहीं हुआ था, लेकिन मेरा संपर्क उन लोगों से रहा है जो शादी समारोह में शामिल थे और अब वे भी संक्रमित हैं."
इनके मुताबिक़ संक्रमण की चेन इतनी लंबी हो गई है कि शादी में लगे हलवाई, फ़ोटोग्राफ़र, मोहल्ले के किराना दुकानदार और सब्ज़ी विक्रेता सभी संक्रमण के शिकार हो गए हैं.
15 जून को हुई इस शादी की सबसे ग़ौर करने वाले बात ये है कि दूल्हे की मौत शादी के दो दिन बाद 17 जून को उस वक़्त हो गई थी जब कथित तौर पर पेट दर्द की शिकायत के बाद परिजन उन्हें पटना के एम्स अस्पताल में लेकर पहुंच रहे थे.
संक्रमण के शिकार दूल्हे के पिता इस वक़्त मसौढ़ी के अनुमंडल अस्पताल में बने आइसोलेशन केंद्र में भर्ती हैं.
उन्होंने बीबीसी से फ़ोन पर बातचीत में कहा, "एम्स के गेट पर पहुंचना, ड्राइवर का चाभी घुमाकर गाड़ी को बंद करना और मेरे बेटे की मौत सब एक ही समय में हुआ. हालांकि हमलोग फिर भी अस्पताल के अंदर बॉडी ले गए. वहां डॉक्टरों ने जाँच की और मृत घोषित कर दिया. हमें एक पर्ची दी गई और कहा गया कि यह डेथ सर्टिफ़िकेट लेने के काम आएगी. अस्पताल से शव को घर पर लाकर हमने रीति रिवाज से उसका दाह संस्कार कर दिया."
दूल्हे की मौत से शादी की चर्चा
दूल्हे की मौत के साथ ही इस शादी की चर्चा आस-पास रहने वाले लोगों ने शुरू कर दी थी.
पालीगंज के स्थानीय पत्रकार अदित्य कुमार कहते हैं, "दूल्हा गुड़गांव में इंजीनियर था. अपनी शादी के लिए ही 23 मई को कार से यहां आया था. शादी तो ठीक से हो ही चुकी थी. लेकिन जैसे ही दूल्हे की मौत हुई इलाक़े में इस बात की हवा चलने लगी कि दूल्हा कोरोना से मर गया. लोग तरह-तरह की बातें करने लगे. किसी ने कहा कि लड़के की तबीयत ख़राब रहती थी, कोई कह रहा था वे लोग झाड़-फूंक करा रहे थे."
आदित्य आगे कहते हैं, "लोगों ने डर कर ख़ुद से फ़ोन करके मेडिकल टीम बुलवाई. पहले चरण में नौ संक्रमित मिले. फिर 22 जून को 15 और लोगों की रिपोर्ट पॉज़िटिव आई. इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और इलाक़े को कंटेनमेंट ज़ोन घोषित कर दिया गया. और सभी की स्क्रीनिंग होने लगी. अब आंकड़ा 111 पहुंच चुका है. कईयों की जाँच होनी बाक़ी है."
दूल्हे की कोरोना रिपोर्ट कहां?
जहां तक बात दू्ल्हे के कोरोना जाँच की है तो इसपर संशय है.
एक तरफ़ दूल्हे के पिता कहते हैं, "मेरा बेटा एकदम स्वस्थ था. गुड़गांव में उसने अपनी जाँच कराई थी. कार से दो भाई और बहन-बच्चों के संग छह लोग आए थे. सभी ने हमारे घर के सबसे ऊपरी तल्ले पर 14 दिनों तक क्वारंटीन का वक़्त बिताया था. वह छह जून से हमलोगों के साथ रहने लगा था क्योंकि आठ जून को उसका तिलक था."
दूल्हे के पिता को इस बात का दुख तो है ही कि उनका बेटा मर गया. लेकिन उससे भी अधिक दुख इस बात का है कि समाज के लोग उनके और उनके बेटे के बारे में कोरोना को लेकर तमाम तरह की बातें कर रहे हैं.
पिता आगे कहते हैं, "लोग मुझ पर कलंक लगा रहे हैं. मैंने अस्पताल प्रबंधन से दो बार बात की उसकी मेडिकल रिपोर्ट के लिए लेकिन तबतक तैयार नहीं हुई थी. इस दौरान मेरी भी जाँच कराई गई तो रिपोर्ट पॉज़िटिव आ गई. फिर जा नहीं सका रिपोर्ट लेने के लिए क्योंकि 23 जून से मुझे भी इस आइसेलेशन सेंटर में रख दिया गया है."
दूल्हे की कोरोना जाँच को लेकर हमने बात की एम्स के डायरेक्टर प्रभात कुमार से. वे इस तरह के किसी भी मामले की जानकारी होने से अनभिज्ञता जताते हैं.
बक़ौल प्रभात, "अगर हमारे रिकार्ड में ऐसा कोई केस होता तो मुझे जानकारी होती. जहां तक मैं जानता हूं कोरोना से जुड़ा ऐसा कोई मामला हमारे यहां नहीं आया है."
अनलॉक के नियमों का उल्लंघन
वैसे तो नियमों के मुताबिक़ अनलॉक भारत में शादी के दौरान सिर्फ़ 50 लोगों को बुलाने का नियम है. मगर पालीगंज की इस शादी से जुड़े अबतक 400 के क़रीब सैंपल लिए जा चुके हैं जिनमें 111 पॉज़िटिव हैं.
सैंपल टेस्ट के आंकड़ों को देखकर यह कहा जा सकता है कि शादी में शामिल लोगों की संख्या 50 से अधिक या बहुत अधिक रही होगी. ऐसे में यह अनलॉक के नियमों का उल्लंघन है.
पालीगंज के पुलिस थाना प्रभारी सुनील कुमार कहते हैं, "स्वीकृति तो उन्होंने 50 लोगों की ही ली थी. लेकिन अब जाँच में पता चला है कि अधिक लोगों का जुटान हो गया था. हम शामिल सभी लोगों की पहचान कराकर पहले उनकी स्क्रीनिंग करवा रहे हैं. कार्रवाई तो तभी हो पाएगी जब वे क्वारंटीन का वक़्त बिता लेंगे. "
वहां के बीडीओ चिरंजीव पांडेय कहते हैं, "अनुमंडल अस्पताल की टीमें संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों को चिन्हित करने का काम कर रही हैं. स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम सभी की जाँच करेगी. मोहल्लों को सेनेटाइज़ करने का काम भी चल रहा है. जिस तरह का लंबा चेन बना है, आशंका है कि संक्रमितों की संख्या और न बढ़ जाए!"
(साभार)
लेकिन अनलॉक-1 के बाद 8 जून से 50 मेहमानों समेत शादियों के आयोजन की अनुमित दे दी गई. फिर क्या था छुप-छुपाकर ही सही लेकिन कई जगहों पर शादियां पहले की तरह होने लगीं.
पूछने पर शादी के आयोजक तो यही दावा करते हैं कि उन्होंने 50 से भी कम लोगों को आमंत्रित किया था. पटना में भी इसी तरह की एक शादी आजकल सुर्ख़ियों में है.
पटना के पालीगंज में हुई एक शादी समारोह ने इन आयोजनों पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है.
पटना से छपने वाले स्थानीय अख़बारों में मंगलवार को एक शादी की ख़बर सुर्ख़ियों में रही.
अख़बारों के मुताबिक़ इस आयोजन से जुड़े 111 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं वहीं दूल्हे की दो दिनों बाद ही मौत हो गई.
संक्रमित पाए गए सभी लोगों का संबंध या तो उसी मोहल्ले से है जिसमें शादी हुई थी या फिर वे शादी समारोह का हिस्सा थे.
पालीगंज की इसी शादी के कारण संक्रमित होने वाले एक व्यक्ति को बिहटा के ईएसआईसी अस्पताल स्थित आईसोलेशन सेंटर में रखा गया है.
उन्होंने बीबीसी से फ़ोन पर बातचीत के दौरान कहा, "मेरा उस शादी से कोई वास्ता नहीं था, यहां तक कि मैं उस समारोह में शामिल भी नहीं हुआ था, लेकिन मेरा संपर्क उन लोगों से रहा है जो शादी समारोह में शामिल थे और अब वे भी संक्रमित हैं."
इनके मुताबिक़ संक्रमण की चेन इतनी लंबी हो गई है कि शादी में लगे हलवाई, फ़ोटोग्राफ़र, मोहल्ले के किराना दुकानदार और सब्ज़ी विक्रेता सभी संक्रमण के शिकार हो गए हैं.
15 जून को हुई इस शादी की सबसे ग़ौर करने वाले बात ये है कि दूल्हे की मौत शादी के दो दिन बाद 17 जून को उस वक़्त हो गई थी जब कथित तौर पर पेट दर्द की शिकायत के बाद परिजन उन्हें पटना के एम्स अस्पताल में लेकर पहुंच रहे थे.
संक्रमण के शिकार दूल्हे के पिता इस वक़्त मसौढ़ी के अनुमंडल अस्पताल में बने आइसोलेशन केंद्र में भर्ती हैं.
उन्होंने बीबीसी से फ़ोन पर बातचीत में कहा, "एम्स के गेट पर पहुंचना, ड्राइवर का चाभी घुमाकर गाड़ी को बंद करना और मेरे बेटे की मौत सब एक ही समय में हुआ. हालांकि हमलोग फिर भी अस्पताल के अंदर बॉडी ले गए. वहां डॉक्टरों ने जाँच की और मृत घोषित कर दिया. हमें एक पर्ची दी गई और कहा गया कि यह डेथ सर्टिफ़िकेट लेने के काम आएगी. अस्पताल से शव को घर पर लाकर हमने रीति रिवाज से उसका दाह संस्कार कर दिया."
दूल्हे की मौत से शादी की चर्चा
दूल्हे की मौत के साथ ही इस शादी की चर्चा आस-पास रहने वाले लोगों ने शुरू कर दी थी.
पालीगंज के स्थानीय पत्रकार अदित्य कुमार कहते हैं, "दूल्हा गुड़गांव में इंजीनियर था. अपनी शादी के लिए ही 23 मई को कार से यहां आया था. शादी तो ठीक से हो ही चुकी थी. लेकिन जैसे ही दूल्हे की मौत हुई इलाक़े में इस बात की हवा चलने लगी कि दूल्हा कोरोना से मर गया. लोग तरह-तरह की बातें करने लगे. किसी ने कहा कि लड़के की तबीयत ख़राब रहती थी, कोई कह रहा था वे लोग झाड़-फूंक करा रहे थे."
आदित्य आगे कहते हैं, "लोगों ने डर कर ख़ुद से फ़ोन करके मेडिकल टीम बुलवाई. पहले चरण में नौ संक्रमित मिले. फिर 22 जून को 15 और लोगों की रिपोर्ट पॉज़िटिव आई. इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और इलाक़े को कंटेनमेंट ज़ोन घोषित कर दिया गया. और सभी की स्क्रीनिंग होने लगी. अब आंकड़ा 111 पहुंच चुका है. कईयों की जाँच होनी बाक़ी है."
दूल्हे की कोरोना रिपोर्ट कहां?
जहां तक बात दू्ल्हे के कोरोना जाँच की है तो इसपर संशय है.
एक तरफ़ दूल्हे के पिता कहते हैं, "मेरा बेटा एकदम स्वस्थ था. गुड़गांव में उसने अपनी जाँच कराई थी. कार से दो भाई और बहन-बच्चों के संग छह लोग आए थे. सभी ने हमारे घर के सबसे ऊपरी तल्ले पर 14 दिनों तक क्वारंटीन का वक़्त बिताया था. वह छह जून से हमलोगों के साथ रहने लगा था क्योंकि आठ जून को उसका तिलक था."
दूल्हे के पिता को इस बात का दुख तो है ही कि उनका बेटा मर गया. लेकिन उससे भी अधिक दुख इस बात का है कि समाज के लोग उनके और उनके बेटे के बारे में कोरोना को लेकर तमाम तरह की बातें कर रहे हैं.
पिता आगे कहते हैं, "लोग मुझ पर कलंक लगा रहे हैं. मैंने अस्पताल प्रबंधन से दो बार बात की उसकी मेडिकल रिपोर्ट के लिए लेकिन तबतक तैयार नहीं हुई थी. इस दौरान मेरी भी जाँच कराई गई तो रिपोर्ट पॉज़िटिव आ गई. फिर जा नहीं सका रिपोर्ट लेने के लिए क्योंकि 23 जून से मुझे भी इस आइसेलेशन सेंटर में रख दिया गया है."
दूल्हे की कोरोना जाँच को लेकर हमने बात की एम्स के डायरेक्टर प्रभात कुमार से. वे इस तरह के किसी भी मामले की जानकारी होने से अनभिज्ञता जताते हैं.
बक़ौल प्रभात, "अगर हमारे रिकार्ड में ऐसा कोई केस होता तो मुझे जानकारी होती. जहां तक मैं जानता हूं कोरोना से जुड़ा ऐसा कोई मामला हमारे यहां नहीं आया है."
अनलॉक के नियमों का उल्लंघन
वैसे तो नियमों के मुताबिक़ अनलॉक भारत में शादी के दौरान सिर्फ़ 50 लोगों को बुलाने का नियम है. मगर पालीगंज की इस शादी से जुड़े अबतक 400 के क़रीब सैंपल लिए जा चुके हैं जिनमें 111 पॉज़िटिव हैं.
सैंपल टेस्ट के आंकड़ों को देखकर यह कहा जा सकता है कि शादी में शामिल लोगों की संख्या 50 से अधिक या बहुत अधिक रही होगी. ऐसे में यह अनलॉक के नियमों का उल्लंघन है.
पालीगंज के पुलिस थाना प्रभारी सुनील कुमार कहते हैं, "स्वीकृति तो उन्होंने 50 लोगों की ही ली थी. लेकिन अब जाँच में पता चला है कि अधिक लोगों का जुटान हो गया था. हम शामिल सभी लोगों की पहचान कराकर पहले उनकी स्क्रीनिंग करवा रहे हैं. कार्रवाई तो तभी हो पाएगी जब वे क्वारंटीन का वक़्त बिता लेंगे. "
वहां के बीडीओ चिरंजीव पांडेय कहते हैं, "अनुमंडल अस्पताल की टीमें संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों को चिन्हित करने का काम कर रही हैं. स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम सभी की जाँच करेगी. मोहल्लों को सेनेटाइज़ करने का काम भी चल रहा है. जिस तरह का लंबा चेन बना है, आशंका है कि संक्रमितों की संख्या और न बढ़ जाए!"
(साभार)


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