अतिथि शिक्षकों की आवाज़ बने लक्षमण सिंह

भोपाल, एमपी मीडिया पाइंट

विगत 12 वर्षों से राष्ट्र के निर्माण मे जुटे अतिथि शिक्षकों की आवाज पूर्व सांसद लक्षमण सिंह ने उठाई है। उन्होंने पत्र के माध्यम से मप्र शासन को अवगत कराया है कि अतिथि शिक्षकों की अतुलनीय सेवाओं को देखते हुए उन्हें नियमित किया जाए।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश मे विगत 12 वर्षों से अतिथि शिक्षक शा स्कूलों मे अपनी सेवाएँ दे रहे हैं और बेहद कम मानदेय पर।
समय के साथ महंगाई बढ़ी लेकिन उस लिहाज़ से उनका मानदेय नहीं बढ़ाया जा सका जबकि उन्होंने नियमित शिक्षकों से बड़कर अपनी सेवाएँ दी हैं और दे रहे हैं।

बतादें कि भाजपा,कांग्रेस दोनों ही सरकार के समक्ष अतिथि शिक्षकों ने अपनी समस्याएं रखीं लेकिन उनकी आवाज हरबार नक्कारखाने मे तूती की आवाज साबित होती रही।
वर्तमान लाकडाउन के दौर मे अतिथि शिक्षकों के लिए परिवार का भरण-पोषण चुनौती बन गया है।
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