अतिवृष्टि एवं पीलेपन के कारण सोयाबीन की फसल खराब को लेकर किसानों ने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
इछावर ब्लॉक में सर्वाधिक लगातार बारिश होने से क्षेत्र के खेतों की खड़ी सोयाबीन मक्का आदि की फसलें पूर्ण रूप से खराब हो चुकी हैं। जिस संबंध में क्षेत्र के किसान तहसील पहुंचकर तहसीलदार को एसडीएम के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया कि खेतों में लगी सोयाबीन मक्का की फसल पूर्णत: खराब हो चुकी है। किसानों ने जुताई बुवाई और निदाई सहित दिन रात कड़ी मेहनत करके कर्ज लेकर फसल तैयार की। किसानों को बड़ी आस थी कि इस बार अच्छी फसल से सारे बुरे दिन ठीक हो जाएंगे। लेकिन अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों को लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार तहसील के सभी पटवारियों को किसानों के खेत पर जाकर सर्वे भी करना था। लेकिन आज तक कोई भी पटवारी किसी भी किसान के पास सर्वे करने नहीं पहुंचा है। न ही किसी जनप्रतिनिधियों ने किसानों की सुध ली, जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है। किसानों का कहना है कि अतिवृष्टि से जो हमारी सोयाबीन मक्का,उड़द मूंग की फसल 100 फीसदी खराब हो चुकी है। शासन प्रशासन से आग्रह करते हैं कि सभी ग्राम पंचायतों की फसलों का सर्वे कराकर उन्हें अतिवृष्टि से जो फसल खराब हुई है, उस फसल का शीघ्र उचित सर्वे कर परेशान किसानों का मुआवजा दिलाया जाए। बतादें कि कांग्रेस नेता ब्रजेश पटेल ने भी तहसील के विभिन्न गांवों के इसी प्रकार की समस्या को लेकर गत दिवस प्रशासन को अवगत कराया था।
आज इछावर गांव तालाब हल्का सहित सेमलीजदीद,मुवाड़ा,पांगरी जंगल,राजपुरा,रामापुरा,नादान,बोरदी कला,खेजड़ा,ढाबलामाता आदि।
ज्ञापन सौंपने वालों में रामगोपाल मीणा,विनोदसिंह राजपूत,पप्पू पटेल, आजादसिंह राजपूत,मोहन मीणा,अमरसिंह राजपूत,मेहरबानसिंह,
गब्बर मीणा,भगवतसिंह,
रामअवतार मीणा, रामभरोस,राजेश मीणा श्रीओम,सुरेश मीणा रामनाथसिंह आदि शामिल थे।
किसानों ने कहा है कि अगर समय पर सर्वे करवाकर किसानों को उचित मुआवजा नहीं दिलवाया गया तो हम सभी ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासी धरने पर बैठने पर बाध्य होंगे।
इछावर, एमपी मीडिया पाइंट
इछावर ब्लॉक में सर्वाधिक लगातार बारिश होने से क्षेत्र के खेतों की खड़ी सोयाबीन मक्का आदि की फसलें पूर्ण रूप से खराब हो चुकी हैं। जिस संबंध में क्षेत्र के किसान तहसील पहुंचकर तहसीलदार को एसडीएम के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया कि खेतों में लगी सोयाबीन मक्का की फसल पूर्णत: खराब हो चुकी है। किसानों ने जुताई बुवाई और निदाई सहित दिन रात कड़ी मेहनत करके कर्ज लेकर फसल तैयार की। किसानों को बड़ी आस थी कि इस बार अच्छी फसल से सारे बुरे दिन ठीक हो जाएंगे। लेकिन अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों को लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार तहसील के सभी पटवारियों को किसानों के खेत पर जाकर सर्वे भी करना था। लेकिन आज तक कोई भी पटवारी किसी भी किसान के पास सर्वे करने नहीं पहुंचा है। न ही किसी जनप्रतिनिधियों ने किसानों की सुध ली, जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है। किसानों का कहना है कि अतिवृष्टि से जो हमारी सोयाबीन मक्का,उड़द मूंग की फसल 100 फीसदी खराब हो चुकी है। शासन प्रशासन से आग्रह करते हैं कि सभी ग्राम पंचायतों की फसलों का सर्वे कराकर उन्हें अतिवृष्टि से जो फसल खराब हुई है, उस फसल का शीघ्र उचित सर्वे कर परेशान किसानों का मुआवजा दिलाया जाए। बतादें कि कांग्रेस नेता ब्रजेश पटेल ने भी तहसील के विभिन्न गांवों के इसी प्रकार की समस्या को लेकर गत दिवस प्रशासन को अवगत कराया था।
आज इछावर गांव तालाब हल्का सहित सेमलीजदीद,मुवाड़ा,पांगरी जंगल,राजपुरा,रामापुरा,नादान,बोरदी कला,खेजड़ा,ढाबलामाता आदि।
ज्ञापन सौंपने वालों में रामगोपाल मीणा,विनोदसिंह राजपूत,पप्पू पटेल, आजादसिंह राजपूत,मोहन मीणा,अमरसिंह राजपूत,मेहरबानसिंह,
गब्बर मीणा,भगवतसिंह,
रामअवतार मीणा, रामभरोस,राजेश मीणा श्रीओम,सुरेश मीणा रामनाथसिंह आदि शामिल थे।
किसानों ने कहा है कि अगर समय पर सर्वे करवाकर किसानों को उचित मुआवजा नहीं दिलवाया गया तो हम सभी ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासी धरने पर बैठने पर बाध्य होंगे।



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