योगेश राजपूत,होशंगाबादएमपी मीडिया पाइंट
प्रदेश की जीवनदायिनी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पुण्य सलिला , मेकलसूता ना जाने और कितने नामों से पुकारे जाने वाली मां नर्मदा जिसके बारे में कहा जाता है कि इनके दर्शन मात्र से ही प्राणी पापों और रोगों से मुक्त हो जाता है परंतु आज वही पुण्य सलिला मानव के अमानवीय कृत्यों के चलते अपने ही जीवन से संघर्ष कर रही हैं, नर्मदा में अकेले होशंगाबाद शहर से ही हजारों गैलन दूषित जल छोड़ा जा रहा है l
उल्लेखनीय है कि सरकार ने नर्मदा में छोड़े जाने वाले दूषित जल की समस्या से निजात पाने के लिए कई प्रयास किए हैं दो वर्ष पूर्व इसके लिए एक विदेशी कंपनी से ट्रीटमेंट प्लांट बनाने को लेकर करार भी किया जा चुका है परंतु जैसे ही इस योजना को लेकर काम प्रारंभ किया गया मालूम चला कि जिस जमीन पर प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा था वहां पहुंचने के लिए रास्ता ही मौजूद नहीं था आनन-फानन में प्लांट की स्थापना के लिए स्थान परिवर्तन किया गया और भोपाल तिराहे पर नापतोल की कार्यवाही की गई लेकिन अब तक धरातल पर योजना से संबंधित काम प्रारंभ नहीं किया जा सका परिणाम स्वरूप अभी भी होशंगाबाद शहर का गंदा पानी बेरोकटोक नर्मदा में छोड़ा जा रहा है जिससे नदी का पानी दूषित हो रहा है साथ ही जल जीवो पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ रहा हैl


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