जा...जा...कोरोना .. जा... जा...
पूरी दुनिया की रफ्तार को थाम देने वाले... कोरोना वायरस की दहशत... में सत्ताएँ थर थर कांपते हुए... अपने ही नागरिकों की मौतें देख रही हैं... और आम जन जीवन ठप्प हो गया है....। इस लाइलाज बीमारी से निपटने में.. डॉ अपना बेहतर से बेहतर प्रयास... अपनी जान दांव पर लगाते हुए कर रहे हैं.. तो अन्य आवश्यक सेवादार भी... उनसे पीछे नहीं है....। आमजन अपने तरीके से कोरोना के जाने की दुआ कर रहे हैं....। कोरोना को विदा करने के लिए एक संगीत से सजा आग्रह गीत.... कराओके गायक विजय पालीवाल भी लेकर आए हैं...।
गीत में होंठों से गायब मुस्कान को लौटाने का अनुरोध है... तो खुशियों से जी लेने की तमन्ना भी है....। कोरोना जिस तरह से तुम आए हो.. उसी तरह वापस चले जाओ.... दुनियाँ के चमन में खुशियों की बहार को महकने दो.... अपने पतझड़ की बयार को तुम थाम लो....।
तुम्हारे आ जाने से अब... हर आँख में पानी है... प्रत्येक दिमाग में हैरानी है... नगरो में विरानी है... अनमोल माने जाने वाले मानव जीवन.... को बख्श दो... लौट जाओ कोरोना... लौट जाओ...।
इस गीत को विजय पालीवाल ने स्वयं तैयार किया है... और अपने गमजदा स्वर से.. कोरोना से विदा हो जाने का अनुरोध किया है...। सुनिए विजय पालीवाल की आवाज में... यह गीत... जो हर दिल की आवाज है।
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