आंगनबाड़ी केंद्र से सप्लाई होता बच्चों का पौषण आहार,पौषण आहार केंद्र बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र !!

सीहोर,  एमपी मीडिया पाइंट 

जिले के नसरुल्लागंज ब्लाक में शिशु एंव महिला बाल विकास विभाग अंतर्गत काफी लापरवाही बरते जाने के समाचार प्राप्त हो रहे हैं ।ताजा मामला नसरुल्लागंज शहर के वार्ड क्रमांक 14 का है जहां आंगनवाड़ी केंद्र से बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार की सप्लाई को मीडिया द्वारा कैमरे मे कैद किया गया है।

बता दें कि मीडिया को कई दिनों से भनक लग रही थी की आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के पोषण आहार को बेचा पाते  रहा है, और आज भी यही खबर सूत्रों से प्राप्त हुई थी, मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे तो वास्तव मे सूत्रों जानकारी की सच्चाई उगलनें वाले ही साबित हुए।

जानकारी अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र पर एक किशोर अवस्था का व्यक्ति केंद्र  से पोषण आहार मे से 20 किलोग्राम के आटे की बोरी भरकर सायकिल से लेजाने को तैयार दिखाई दिया। जब उस बच्चे से पूछा गया की यह कहां से लाए हो तो उसने स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि यह सब मैंने आंगनबाड़ी वाली मैडम से पैसे में खरीदा है, जानवरों को खिलाऊंगा, हर कभी ले जाता रहता हूं, 20 किलों के 200 रुपये देता हूँ।
वैसे वायरल वीडियो मे जेब से निकालकर किशोर/बालक सौ-सौ रुपये के दो नोट जरुर मीडिया को दिखला रहा है;

मीडियाकर्मियों के सवाल पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मोना कुशवाह आग बबूला हो गई और दादागिरी पर उतर आई, और देखते ही देखते आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने एक मीडिया कर्मी को वीडियो बनाने से रोका भी। 

राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने की वजह से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निरंकुश होकर मनमानी करती रहती हैं। उन पर विभाग के उच्चाधिकारी भी कोई ठोस कदम नहीं उठा पाते। 

दूसरी तरफ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुशवाह का कहना है कि मेरे द्वारा खाद्यान्न नहीं बेचा जाता, मेरे द्वारा कोई राशि भी नहीं ली गई, खराब हुए पोषण आहार जरुर मवेशियों के खिलाने हेतू यदाकदा दे दिए जाते हैं। यह राजनीति संरक्षण की बात हास्यास्पद है।

मीडिया ने जब इस संबंध में नसरुल्लागंज के महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी गिरीश चौहान से बात की तो वह भी कहीं ना कहीं मामले को गंभीरतापूर्वक लेते नज़र नहीं आए उनका कहना है। ट्रेसिंग कभी-कभी अरेंज भी की जाती है! फिर भी मामले को देखेंगे,जांच होगी।
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