अधिकारियों कर्मचारियों ने किया अर्धनग्र प्रदर्शन,

    गल्लामंडी में निरंतर जारी क्रमिक भूख हड़ताल,

वेतन भत्ते, पेंशन नहीं देकर अब कपड़े भी उतरने पर आमादा सरकार

 

  सीहोर ,एमपी मीडिया पाइंट 

मंडी अधिकारियों कर्मचारियों ने शनिवार को कृषि उपज गल्लामंडी कार्यालय परिसर में अर्धनग्र होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। सरकार के द्वारा मंडी एक्ट खत्म नहीं करने और वेतन भत्ते पेंशन नहीं देने को लेकर मंडी अधिकारी कर्मचारी बीते 9 दिनों से संयुक्त संघर्ष मोर्चा के  प्रदेश व्यापी आहवान पर क्रमिक भूख हड़ताल कर रहे है।

हड़ताली अधिकारियों कर्मचारियों को मंडी कर्मचारी एकता संघ  के भोपाल संभागीय अध्यक्ष अनिल बगेनिया ने संबोधित किया। उन्होने कहा कि सरकार  ने  हमारे पेरों में  बेडिय़ां डालकर हमें प्रतियोगिता करने के लिए कहा है। किसानों  को कहीं भी उपज बेचने के अधिकार के सपने दिखाकर मंडियों को बंद करने  की कगार पर लाखड़ा किया है। मंडी एक्ट के विरोध में स्वयं किसान संगठन भी प्रदर्शन कर रहे है। मंडी में रोजी रोटी कमाने वाले हम्माल और तुलावट भी एक्ट से भविष्य में होने वाली हानी को समझ रहे है। गल्ला मंडिय़ों में टेक्स देकर अनाज खरीदने वाले व्यापारी भी सरकार की दोगली नीतियों का विरोध कर रहे है। सरकार कुछ नया नहीं कर वर्षो पुरानी मंडी व्यवस्था को ध्वस्त कर रहीं है।

क्रमिक भूख हड़ताल के तहत मंडी निरीक्षक राधेश्याम मेहर और मनोज स्वरूप ने शनिवार को भूखे रहकर आंदोलन को गति प्रदान की। प्रदर्शन में मंडी कर्मचारी एकता संघ के प्रांंतीय सचिव ओम प्रकाश शर्मा, मंडी सीहेार इकाई अध्यक्ष संतोष राठौर,लक्ष्मीनारायण डोहर, बाला  प्रसाद राजपूत,  नंदलाल मोर्य, मनोज ठाकुर, प्रेमनारायण शर्मा, मोहनलाल वर्मा,  मोहनलाल सोनग्रहा, सतीष भिलाला, गेंदालाल रेकवार, मुकेश  कुमार आदि  अधिकारी कर्मचारी शामिल रहे।
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