इछावर-नसरुल्लागंज हाईवे पर मवेशी बन रहे राह का रोड़ा,
मवेशियों से आए दिन होती है वाहनों की भिड़ंत,
हादसे से काल कवलित हो चुके है कई पशु,
वाहन भी होते दुर्घटनाग्रस्त लेकिन इस तरफ प्रशासन का कोई ध्यान नहीं
हुकुमसिंह मेवाड़ा इछावर/फांगिया
एक तरफ तो मध्य प्रदेश सरकार लाख दावे कर रही है मवेशियों के लिए गौशाला खुलवाने का मगर नहीं खुल रही और पंचायतों में गौशाला यही नहीं कि भाजपा सरकार मवेशियों के लिए कोई बात नहीं करती। भाजपा सरकार ने भी कई बार दावे करें की मवेशियों के लिए जगह-जगह गौशाला कुलवाई जाएगी मगर अपने कार्यकाल के दौरान भाजपा सरकार भी गौशाला के गौशाला के मामले मे नाकाम रही।
यही नहीं आरएसएस एवं बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने समय-समय पर गौमाता को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम गौशाला मे मवेशियों को छोड़ आए हैं।
अब गौ माताओं की कायदे से देखभाल होगी लेकिन लाख दावों के बावजूद सरकार या कोई धार्मिक संगठन स्थिति मे सुधार नहीं कर पाया।वर्तमान मे इछावर- नसरुल्लागंज हाईवे पर हालात यह हैं कि सीहोर,इछावर,बोरदीकला, नादान,कोसमी,नसरुल्लागंज के सैकड़ों मवेशी स्वछंद विचरण कर रहे हैं।
स्टेटहाईवे 53 पर बेसहारा मवेशियों एवं रोड पर बडे -बडे गड्ढो की वजह से आम नागरिक के साथ साथ वाहन चालको को असुविधाओ का सामना भी करना पढ रहा है जिसके कारण कई हादसे रोजाना हो रहे हैं।इछावर नगर एवं नसरुल्लागंज नगर का मुख्य मार्ग हो या फिर स्टेटहाईवे जहाँ देखो वहाँ आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है।वही हाईवे रोड पर बडे-बडे गड्ढे जो कभी भी दुर्घटनाओं का सबब भी बन सकते है ।
सीहोर, इछावर, बोरदी कला नादान कोसमी नसरुल्लागंज, स्टेटहाईवे पर कई वाहन चालकों को बेसहारा मवेशियों एवं बडे-बडे गड्ढों के करण खतरनाक स्थिति के दौर से गुजरना पड़ रहा है।
वाहान चालक इन मवेशियों एवं स्टेट हाईवे पर बडे-बडे गड्ढो को बचाने के चक्कर मे कभी-कभी खुद ही दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। इतना सब कुछ होने के बाद भी स्थानीय प्रशासन और टोल कंपनी भी इस और कोई ध्यान नही देती।
लोग कहने लगे हैं कि हो सकता है कोई बडी दुर्घटना का शासन को इंतजार हो! यही वजह है की इतना सब कुछ होने के बाद भी और टोल कंपनी इन गड्ढो की भराई न होने से छोटी मोटी घटनाएं तो आये दिन हो रही है । जबकि ऐसा नही टोल कंपनी स्टेटहाईवे पर कोनाझिर एवं बोरदी के पास दो स्थानो पर टोल बूथ लगाकर वाहान चालको से टोल वसूल करती है। पर स्टेटहाईवे पर हो रहे गड्ढो को भरने की और कोई ध्यान नहीं है। हाईवे के गड्ढों के कारण पिछले दिन आष्टा एसडीओपी का वाहन तक दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमे एसडीओपी सहित 3-4 पुलिसकर्मी भी बुरी तरह घायल हुए थे।
यदि यही हाल चलते रहा तो वह दिन दूर नहीं जब कोई बड़ा हादसा सीहोर-इछावर-नसरुलागंज हाईवे पर देखने को मिले।
प्रशासन को इस और ध्यान देना चहिये जिससे कोई घटना होने से बचा जा सकता है जबकि ऐसा नहीं है कि इन स्टेट हाईवे के गांव के ग्रामीण ग्रामीणों ने ढोल वाले को शिकायत नहीं करी होगी कई बार मौखिक तरीके से टोल नाके पर जाकर मवेशियों को लेकर एवं रोड के गड्ढों को लेकर शिकायत दर्ज करवा चुके हैं मगर नहीं होता शिकायत करने का कोई फायदा बीते दिन बीते दिन इछावर के नजदीक बोरदीकला के गांव के लोगों ने बोरदी टोल नाके पर जाकर जो बोरदीकला गांव की स्टेट हाईवे पर आवारा मवेशी एवं रोड पर गड्ढे होने की शिकायत टोल प्रभारी को दर्ज करवाई थी मगर टोल प्रभारी ने ग्रामीणों को तसल्ली देने के लिए यह कह दिया था कि आवारा मवेशियों को कई जंगल में छुड़वाएंगे और गड्ढा भरवाने का काम करवाएंगे मगर अभी तक महीनों बीतने के बाद भी नहीं रोड के गड्ढे भरा पाए और ना ही आवारा मवेशियों से वाहन चालकों को निजात मिल पाई।



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