पौधारोपण घोटाले की जांच शुरू होते ही बौखलाए शिवराज, कमलनाथ सरकार के विरुद्ध दे रहे हैं ऊलजलूल बयान,
अभी तो व्यापमं, ई टेंडरिंग, पेंशन, सिंहस्थ, अवैध उत्खनन जैसे घोटालों की जांच बाकी है, मानसिक संतुलन बनाए रखें शिवराज-शोभा ओझा

भोपाल,  एमपी मीडिया पाइंट 

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग की अध्यक्षा श्रीमती शोभा ओझा ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा पत्रकारों को दिए गए उस बयान की कड़ी आलोचना की है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस सरकार को कठघरे में खड़ा करने का असफल प्रयास करते हुए कई तरह के झूठ बोल कर अपनी राजनीतिक रोटियां सीखने की निंदनीय कोशिश की है।


श्रीमती ओझा ने कहा कि चाहे अंत्येष्टि के लिए सरकार द्वारा सहायता दिए जाने की बात हो या बिजली के बिलों की बात हो, शिवराज सिंह चौहान हर मुद्दे पर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर, झूठ बोलकर, सरकार की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं, बेहतर होता कि शिवराज सिंह चौहान यह बताते कि उनके शासनकाल के दौरान जिन लैपटॉप और मोबाइल वितरण की बात वे कर रहे हैं, वह प्रदेश के किन लोगों के पास हैं, उसके लाभार्थी कौन हैं? 

श्रीमती ओझा ने कहा की केवल झूठ की बुनियाद पर 21000 फर्जी घोषणाओं के लिए कुख्यात शिवराज सिंह सत्ता की मलाई छिन जाने और अपनी पार्टी द्वारा दरकिनार कर दिए जाने से बौखलाए हुए हैं और कमलनाथ सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की भी बेवजह आलोचना कर जनता की नजरों में अपनी बची-खुची साख भी खत्म कर रहे हैं।

श्रीमती ओझा ने कहा की नर्मदा किनारे पौधारोपण घोटाले की जांच शुरू होते ही शिवराज सिंह चौहान की घबराहट साफ देखी जा सकती है लेकिन कमलनाथ सरकार पिछले 15 सालों के कार्यकाल के दौरान भाजपा नेताओं द्वारा लूटी गई जनता की गाढ़ी कमाई के लुटेरों को सजा दिलाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, पौधारोपण घोटाले की जांच के साथ ही व्यापमं, ई-टेंडरिंग, सिंहस्थ, पेंशन, अवैध उत्खनन आदि महाघोटालों की जांच भी होगी और इन सभी घोटालों के लिए जवाबदार, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितनी भी बड़ी मछली क्यों ना हो, शिवराज सिंह व सभी भाजपा नेता इस बात के लिए आश्वस्त रहें। 

ओझा ने कहा की जहां तक कमलनाथ सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की बात है तो बिजली के बिलों में जनता को राहत देकर कमलनाथ सरकार ने जो लोकप्रियता हासिल की है उससे भाजपा और उसके नेता बौखला गए हैं, वे इस बात को हजम नहीं कर पा रहे हैं कि मात्र नौ महीनों के कार्यकाल में ही कमलनाथ सरकार के खाते में किसान कर्ज माफी, औद्योगिक निवेश, कन्या विवाह की राशि बढ़ाना, कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार आदि सैकड़ों उपलब्धियां हैं।

अपने बयान के अंत में श्रीमती ओझा ने कहा की एक दूसरे को नीचा दिखाने और आपसी वर्चस्व की लड़ाइयों के चक्कर में बढ़-चढ़कर कांग्रेस सरकार की आलोचना करने की मानसिकता छोड़कर, भाजपा नेताओं को चाहिए कि वे प्रदेश की जनता के हित में कमलनाथ सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को लागू करने में सकारात्मक सहयोग करें।
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