लापरवाही की पिच पर कोरोना का नाबाद शतक
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लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं । आपके लेख ज्वलंत मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर के दैनिक समाचार पत्रों मे भी प्रकाशित होते रहे हैं। आप आष्टा, मध्यप्रदेश के निवासी हैं।
संपादक
सुधीर पाठक
लापरवाही की पिच पर कोरोना का रन बनाना जारी हैं। अब तक आष्टा, जावर और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुचकर कोरोना शतक बनाने के बाद भी नाबाद हैं। वह हमारी लापरवाही का लगातार फायदा उठाकर संक्रमणरूपी रन बना रहा हैं। कोरोना जिस तेजी से जहा चाहे वहा पहुच रहा हैं, उसमें नागरिकों का योगदान ही महत्वपूर्ण हैं। जिस प्रकार हमने मास्क को त्याग दिया हैं। सोशल डिस्टेंस भूल गए हैं, वही मच्छरों के प्रकोप के कारण रोगप्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हुई हैं। इसीके चलते कोरोना शहर से लेकर गांव तक अपने संक्रमण को पहुचाने में कामयाब रहा हैं। सच कहे तो हम खुद ही कोरोना संक्रमण के संवाहक बन गए हैं। यह विचारणीय हैं कि हम खुद के दुश्मन क्यों हैं? हमारा हमसे ही बेर क्यों? यह प्रश्र महत्वपूर्ण हैं। शासन साफ कह चुका है कि 1 सितंबर के बाद वह ईलाज का खर्चा नहीं उठाएगा। यह स्थिति तब हैं जब इस बीमारी का कोई ईलाज ही नही हैं। कहते हैं सरकार एक मरीज पर 1.50 लाख खर्च करती हैं। यह बात अलग है कि जिन बीमारियों का ईलाज हैं उसका सरकार न तो ईलाज करवाती और ना ही खर्चा उठाती। खैर सरकार तो वोटरों की रिस्क हैं और हर बार यह रिस्क मतदाता उठाते हैं। यदि आकडों पर गौर करे तो कोरोना संक्रमण की संख्या अब 112 तक पहुच गई हैं। 4 लोगो की मौत हो चुकी हैं। सोमवार को आमलामज्जू में एक संक्रमित मिला, जिसका उपचार इंदौर में चल रहा हैं। अभी तक 63 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। शेष 45 पाजेटिव है। परिजनों के सैंपल लिए हैं तथा कंटेंटमेंट क्षेत्र बनाया हैं। सीएमएचओं डॉक्टर सुधीर डेहरिया ने बताया कि सोमवार को आष्टा में 1 की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। आज 100 व्यक्तियों के सैंपल कोरोना जांच हेतु लिए गए है। फिलहाल हमारी लापरवाही के चलते कोरोना का संक्रमण बडता जा रहा हैं।---------------
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं । आपके लेख ज्वलंत मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर के दैनिक समाचार पत्रों मे भी प्रकाशित होते रहे हैं। आप आष्टा, मध्यप्रदेश के निवासी हैं।
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