स्थानीय मंडी समिति ने शुरू किया धरना आंदोलन, व्यापारी,संघ भी हुआ साथ, 

आष्टा,  एमपी मीडिया पाइंट 

स्थानीय मंडी प्रशासन ने मॉडल एक्ट के  विरोध दिया धरना, व्यापारी संघ भी आया समर्थन में ,  किसानों का संघ बता रहा आंदोलन को गलत ।
मंडी पूरी तरह से हुई बन्द,
किसान हो रहे है परेशान...

                          किसान
केंद्र सरकार द्वारा जारी नवीन अध्यादेश के लागू हो जाने पर राज्य सरकार ने मंडी अधिनियम 1972 में संशोधन कर 1 मई से नवीन मॉडल एक्ट लागू कर दिया ,  इस एक्ट के लागू हो जाने से मंडियों में व्याप्त इंस्पेक्टर राज स्वतः ही समाप्त हो रहा है , वही मंडी प्रशासन का नियंत्रण अब प्रांगण  तक ही सीमित रह गया है , ऐसे में जब किसान को अपनी उपज विक्रय करने लिए पूरी तरह से स्वतंत्र  कर दिया है  वही व्यापारियों को भी अब मंडी लायसेंस की आवश्यकता समाप्त कर दी है, व्यापारी अब अपने पेन कार्ड और सरकार के जी एस टी  नम्बर के आधार पर भारत के किसी भी कोने से खरीदबिक्री कर सकता है ,
इस नवीन मॉडल एक्ट के लागू हो जाने से मंडी का लायसेंसी व्यापारी को झा स्वस्थ और सफल व्यवसाय पर खतरा मंडराता  दिखाई दे रहा है , वही मंडी समिति या प्रशासन को  को वही इस नवीन मॉडल एक्ट के लागू हो जाने से पूरा अस्तित्व ही खतरे में जाता दिख रहा है ।
इसलिए प्रभावित सभी संगठनों का कहना है कि इस नवीन कानून को अविलंब समाप्त किया जावे , 
इसी को लेकर प्रदेश का संयुक्त मोर्चा कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए  सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा बन्दी कर रहा है , बीते दिवस इसी को लेकर संयुक्त मोर्चे जहां प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी देते हुए  भोपाल में विशाल विरोध प्रदर्शन किया ।और प्रबलता से अपनी मांगों को रखा ।
क्रमश चल रहे इस आंदोलन में अब स्थानीय स्तर पर कर्मचारी , अधिकारी मंडी के द्वार बंद कर धरना प्रदर्शन कर रहे है।
इस धरने आंदोलन में व्यापारी संघ भी पूरी तरह से शामिल है , 
किन्तु मंडी बन्द कर चल रहे इस आंदोलन का स्थानीय राष्ट्रीय मजदूर किसान संघ विरोध कर रहा है , उनका कहना है कि इस नयी व्यवस्था से किसान बहुत प्रसन्न है ,  सरकार का यह नया मॉडल एक्ट किसानों के हितों की सुरक्षा है , किसानों को अपनी उपज बेचने जे लिए मंडी का आसरा नही रहेगा ,हम कही भी अपनी फसल  उच्चतम दाम में बेच सकते है ।   आये दिन विभिन्न कारणों  मंडी बन्द होती रहती है और किसान बेवजह ही परेशान होता है ,  किसानों के नेतृत्व कर्ताओ से जब इस मंडी बन्द और धरना आंदोलन के बारे में जानना चाहा तो संगठन के अध्यक्ष का कहना है कि  सोमवार तक  मंडी चालू नही होती है तो आष्टा विकासखण्ड का किसान आंदोलन करेगा। हमे फसल कटाई, आदि में अब रुपयों की जरूरत है।


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