सीहोर ,  एमपी मीडिया पाइंट

गत 23 मार्च को बोर्ड परीक्षा मे 12वीं के गणित विषय का पर्चा था जिसे परीक्षाकेंद्र कैंब्रिज हायर सेकेंडरी स्कूल खाचरोद के केन्द्राध्यक्ष बाबूलाल मालवीय एवं निजि स्कूल संचालक रुपेश की सांठगांठ से सुबह 8:26 बजे रुपेश जैन द्वारा 'इंफार्मेंशन आफ प्राइवेट स्कूल' नामक वाट्सअप ग्रुप पर लीक कर दिया गया था।


तत्काल इस कांड को दबाने के प्रयास भी शुरु हो गए थे लेकिन यह पूरा मंजर 'एमपी मीडिया पाइंट' की नजर से नहीं बच पाया और आखिरकार देखते ही देखते पलक झपकते समूचे प्रदेश मे उजागर हो गया।

पुलिस ने कल पर्चा लीक मामले मे आरोपी रुपेश जैन एवं केंद्राध्यक्ष बाबूलाल मालवीय को गिरफ्तार किया। बाबूलाल मालवीय शा मनुबेन हायर सेकेंडरी स्कूल सीहोर मे वरिष्ठ अध्यापक पद पर पदस्थ हैं।

मालवीय की शिक्षा विभाग मे अच्छी-खासी पैठ है यही कारण है कि वह पिछले कई वर्षों से वरिष्ठ अध्यापक होने के बावजूद खाचरोद तरफ के नकल को लेकर कुख्यात प्राइवेट स्कूल परीक्षा केंद्रों का प्रभारी बनता चला आ रहा है।

अब सवाल यह उठता है कि क्या जिले मे प्राचार्यों , व्याख्याताओं की कमी है जो बाबूलाल मालवीय जैसे नकल कराने मे लिप्त कम ओहदे वाले व्यक्ति को केंद्राध्यक्ष बनाया गया!
इसके पीछे आखिर शिक्षा विभाग का लालच क्या रहा! यह भी खोज का विषय प्रशासन के लिए हो सकता है लेकिन प्रबुद्ध नागरिकों के लिए नहीं, क्योंकि वह जानते हैं कि पूरे कुएं मे ही भांग घुली है। और जब ऐसा होता है तो समाज के हितार्थ पूरे कुएं की ही सफाई आवश्यक हो जाती है।

जिस ग्रुप मे पर्चा लीक किया गया उसके मेंबर तो शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी भी थे उन्होंने मेसेज पड़कर रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं कराई!!
क्या उच्चाधिकारियों की भी विश्वसनीयता तार-तार नहीं हुई!!  

क्या दिन मे आंखें मूंद कर रात हो जाने का अहसास करने वाले अधिकारियों से भी जवाब-तलब जरुरी नहीं बनता!!
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