जन्मदिवस का आंखों देखा हाल...
चर्चाओं में रहे जन्मदिन-----,ये जो पब्लिक है सब जानती है...
आष्टा, दिनेश शर्मा एमपी मीडिया पाइंट
कल शहर की राजनीतिक हवा शांत थी ,लेकिन शाम को अस्पताल में जरूर कौतूहल था।जाकर देखा तो पता चला कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मरीजों को फल बिस्किट वितरण होंगे,, हम भी खड़े हो गए तमाशबीन बनकर, फिर क्या था स्थानीय नेताओं का जमावड़ा लगा और अस्पताल गेट पर कोरोना संक्रमण के सारे कायदों ओर नियमों को धता बताते हुए शुभचिंतकों ने मरीजो को दो-दो केले बिस्कुट देकर शोशल मीडिया चमका ली।
शोशल मीडिया पर नजर डाली तो पता चला कि आज का दिन तो स्क्रीन पर कुछ बता रहा है पता चला यहां भी जन्मदिन ही सुर्खियो में है। यह अलग बात है कि यह प्रधानमंत्री का नहीं है पर अपने को अपने आप मे खास तो समझते है, बस फिर क्या..पूरा दिन फेसबुक एवं वाट्सएप चमकता रहा । यह जन्म दिन इस बार आम लोगो के जहन में नहीं दिखा , शोशल मीडिया पर चंद सलाहकारो के बीच ही सिमिट कर रह गया ।
नेताजी भले ही कहते रहे कि आज हम रूबरू नहीं मिलेंगे किसी से भी-- दूसरी तरफ जनता फिर भी मौन ही रही , ऐसे में शहर में अब आपकी स्थिति क़्या है ? समझना जरूरी है ..वैसे भी अर्श से फर्स तक लाने में जनता देर नहीं करती और वैसे भी ऊपर के तारे जनता ने ही दिखाए थे , लेकिन जनता ठगी रह गई , बन्दे ने तो तारे तोड़ कर पूरे अपनी जेब के हवाले ही कर दिए , , ओर जनता बेचारी अपने निर्णय पर अफसोस करती रह गयी , इस बार भी यही हुआ जनता के पल्ले में शून्य ही आई_ लोग तरस गए , और भैया मनमानी करते रहे , आज समय का पहिया घुमा तो बधाइयों के भी लाले नजर आए । पर अब क्या हो सकता है जब चिड़िया चुग गयी खेत ,, जनता समय का इंतजार कर रही है।
ये जो पब्लिक है सब जानती है......


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