योगेश राजपूत
एमपी मीडिया पाइंट


बुधनी एक तरफ जहां महामारी के चलते आवागमन के साधन पूरी तरह से बंद हैं वहीं दूसरी ओर लॉक डाउन के दौरान फंसे हुए लोगों की मजबूरी का फायदा उठा कर एंबुलेंस संचालक मोटी रकम लेकर ऐसे लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचा रहे हैंl आइडिया और सोच भी बुरी नहीं है क्योंकि खाने को रोटी नहीं ऊपर से घर परिवार की चिंता ऐसे व्यक्ति के सामने जल्दी से घर पहुंचना ही मुख्य लक्ष्य होगा लेकिन एंबुलेंस में स्वस्थ व्यक्ति के यात्रा करने से संक्रमण की स्थिति से बिल्कुल इनकार नहीं किया जा सकताl साथ ही उस अनजान व्यक्ति से ड्राइवर को संक्रमण होने का खतरा भी बना रहता है बावजूद इसके बड़ी संख्या में लोग आवाजाही के लिए इन वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैंl रायसेन जिले के मंडीदीप मैं कई दिनों से फंसे एक फैक्ट्री कर्मचारी ने औब्दुल्लसगंज तक तो पैदल यात्रा की और किस्मत से उसे अब्दुल्लागंज मैं भोपाल की ओर से होशंगाबाद जाती हुई एंबुलेंस मिली एंबुलेंस के ड्राइवर ने 150 रुपए लेकर 23 किलोमीटर दूर बुधनी लाकर छोड़ दियाl जहां उसने बताया कि वह अब हरदा जा रहा हैl आमतौर पर देखा गया है कि बैतूल, हरदा, होशंगाबाद आदि स्थानों से एंबुलेंस मरीजों को लेकर भोपाल की ओर जाती हैं, लौटते समय यह वाहन खाली अपने गंतव्य की ओर जाते हैं परंतु बावजूद इसके वाहनों की बत्तियां जलाई जाती है और हूटर का इस्तेमाल भी किया जाता है इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि महामारी की आड़ में कहीं इनका गलत इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा हैl
Share To:

Post A Comment: