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विश्व में महामारी के रूप में पिछले कई महीनों से फैले हुए COVID-19 संक्रमण के बारे में काफी अधिक जानकारी लगभग हर व्यक्ति तक टीवी, अखबार, सोशल मीडिया एवं स्थानीय प्रशासन के  प्रयासों से पहुंच चुकी है। एवं अधिकांश लोग कोरोना संक्रमण से बचने एवं उसको फैलने से रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। कोरोना के खात्मा के लिए अभी भी 100% असरकारक दवाइयां एवं इलाज के लिए वैक्सीन के अभाव में वर्तमान परिस्थितियों में स्पष्ट दिखाई दे रही है। कि हमें अन्य बीमारियां जैसे डी-हाड़यरटेंशन,टाइफाइड, मलेरिया, हृदय रोग की तरह हो और उनके संरक्षक रखने हेतु सामान्य जिंदगी जीना सीखना पड़ेगा। भारत के लिए एक अच्छी बात है, कि हमारी जनसंख्या में नौजवानों लोगों की संख्या अधिक है। आप यदि इस वर्ष के आंकड़ों पर निगाह डालें तो लोगों की मृत्यु दर भी काफी कम है। फिर भी हमें ध्यान रखना होगा कि परिवार के नौजवान सदस्यों से घर के बुजुर्ग लोगों तक बीमारी का संक्रमण ना फैले सुरक्षा का ध्यान रखें। हमें अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना होगा।  इसलिए हम सबके नियमित शारीरिक एवं योग्य संतुलित शाकाहारी 6 से 8 घंटे की नींद और स्वास्थ्य जीवन शैली अपनाना होगी। हमारे घर की गतिविधियां जितनी भी जो हमारे संपर्क में आती है। जैसे दरवाजे के हैंडलफर्श ,दीवार, टॉयलेट आदि इनकी सफाई नियमित रूप से करते रहना होगा। फर्श पर बिछे  कोरोनाओं को हराना पड़ेगा, हमारे घर के कार्य में सहायक कामवाली उनके स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना होगा। वह भी मास्क  दस्ताने एवं हेड हाइमिंग का उपयोग करें यह सुनिश्चित करना होगा। हमारी भारतीय संस्कृति हर्ष उल्लास से भरे हुए सामाजिक एवं परिवारिक उत्तर  से परिपूर्ण है। पर वर्तमान परिस्थितियों में हमें जन्म, शादी,मूल्य एवं अन्य समारोह के समय हमें इस बात का ध्यान रखना होगा। कि संस्कार के द्वारा निर्धारित दिशा निर्देश का पालन हो। शारीरिक दूरी बनाए रखें। संक्रमण के फैलने से सावधानी के लिए बेहद अल्प संख्या में लोगों को आमंत्रित किया जाए एवं समारोह स्थल पर हेंड सैनिटाइजर मुख्य द्वार पर ही उपलब्ध हो। हमारी सावधानियाँ ही परेशानियों का निवारण है। मेडिकल साइंस फिलहाल यही यही कहने की स्थिति मे है।

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 अनावश्यक दिखावे एवं खर्चों से भी बचना ही होगा। सिर्फ परिवार के सदस्य ही इन कार्यक्रमों में शामिल हो इस तरह जीवन के विभिन्न आयामों में हमें परिवर्तन करना होगा हमें दिखाना होगा पर्सनल,हास्यजिन,हैंडहाइजीन , कफहाइजीन,और शारीरिक दूरी की आवश्यकता सोच बदलेगी घर को जिंदगी बदलेगी इसलिए कोरोना से हमें डर कर नहीं जवाब देकर के रहना है। हमारा स्वर्णिम भविष्य हमारा इंतजार कर रहा है। भारत कोरोना से जंग जरूर जीतेगा। मेडिकल साइंस यही कहता है।


डॉ विमलेश जैन,मेडिकल आफिसर, इछावर (मप्र)

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